Cow is the solution of grah dosh nivaran vastu dosh also reduce पितृदोष से लेकर कई ग्रह दोषों का निवारणकरती है गाय, वास्तु दोष भी होते हैं खत्म, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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पितृदोष से लेकर कई ग्रह दोषों का निवारणकरती है गाय, वास्तु दोष भी होते हैं खत्म

गााय का वर्णन हमरे पुराणोंमें है। इसके अलावा ज्योतिष में भी गायों को महत्व दिया गया है। शिवपुराण एवं स्कन्दपुराण में कहा गया है कि गाय की सेवा और गाय के लिए दान और गाय का दान सभी आपको लाइफ में लाभ देते हैं। 

Thu, 9 April 2026 01:10 PMAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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पितृदोष से लेकर कई ग्रह दोषों का निवारणकरती है गाय, वास्तु दोष भी होते हैं खत्म

Cow grah dosh nivaran: गााय का वर्णन हमरे पुराणोंमें है। इसके अलावा ज्योतिष में भी गायों को महत्व दिया गया है। शिवपुराण एवं स्कन्दपुराण में कहा गया है कि गोसेवा और गोदान से यमराज का भय नहीं रहता है। इसलिए हमें गायों की सेवा करनी चाहिए। शुभ कार्यों के लिए गोधूलि वेला खास बताई गई है। मंगल कार्यों के लिए सर्वोत्तम मुहूर्त जब गाय चारा चरकर जंगल से वापस आती हैं, उस समयको गोधूलिवेला कहा जाता है। गाय को ज्योतिष में भी खास माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि अगर गाय को रोटी खिलाएं और गाय की सेवा करें, तो कई ग्रह दोष दूर हो जाते हैं। यहां पढ़ें गाय से किन जयोतिष दोषों में लाभ होता है।

अगर आप किसी शुभ कार्य के लिएजा रहे हैं, तो आपको बछड़े को दूध पिताली हुई गाय मिल जाए, तो समझ लें कि आप जिस काम के लिए जा रहे हैं, वो सफल हो जाएगा।

गाय अपने आप में वास्तु दोषों को दूर करती है। अगर आपकी कुंडली में शुक्र से जुड़े दोष हैं, नीच का शुक्र है तो सफेद रंग की गाय को एक रोटी खिलानी चाहिए। इससे शुक्र संबंधी दोष दूर हो जाते हैं।

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अगर आप कुंडली में सूर्य, चन्द्र, मंगल या शुक्र की युति राहु से हो तो पितृदोष होता है। दरअसल सूर्यका सम्बन्ध पिता से एवं मंगलका सम्बन्ध रक्तसे होनेके कारण सूर्य अगर शनि, राहु या केतुके साथ स्थित हो या दृष्टिसम्बन्ध हो या मंगलकी युति राहु या केतु से हो तो पितृदोष होता है। इस दोष से आपकी लाइफ में कई तरह की परेशानियां आती हैं। अगर पितृदोष हो तो गायको रोजाना या अमावास्याको रोटी, गुड, चारा आदि खिलानेसे पितृदोष समाप्त हो जाता है।

किसीको जन्मपत्री में सूर्य नीचराशि तुला पर हो या अशुभ स्थिति में हो अथवा केतु के द्वारा परेशानियां आ रही हों तो गायमें सूर्य-केतु नाड़ीमें होनेके फलस्वरूप गायको पूजा करनी चाहिए, दोष समाप्त होंगे।

यदि रास्ते में जाते समय गोमाता आती हुई दिखाई दें तो उन्हें अपने दाहिने से जाने देना चाहिए, आप जिस काम के लिए जा रहे हैं, वो पूरा हो जाएगा।

गायके घीका एक नाम आयु भी है-' आयुब घृतम्‌’। अतः गायके दूध-घीसे व्यक्ति दीर्घायु होता है। गाय का घी काममें लें तथा गायकी पूजा करें।

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डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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