चंद्र ग्रहण 2026: अयोध्या में साढ़े 11 घंटे बंद रहेगा राम मंदिर, जानिए कब खुलेगा राम लला का पट
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने निर्णय लिया है कि चंद्र ग्रहण के कारण मंदिर परिसर में आम श्रद्धालुओं का प्रवेश साढ़े 11 घंटे के लिए बंद रहेगा। आइए जानते हैं इस दिन मंदिर के दर्शन के समय और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी।

3 मार्च 2026 को फाल्गुन पूर्णिमा पर पड़ने वाला चंद्र ग्रहण अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर के लिए विशेष व्यवस्था का कारण बना है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने निर्णय लिया है कि इस दिन मंदिर परिसर में आम श्रद्धालुओं का प्रवेश सुबह 9 बजे से रात 8:30 बजे तक पूरी तरह बंद रहेगा। यह बंदी लगभग साढ़े 11 घंटे की होगी। ट्रस्ट की ओर से जारी सूचना में श्रद्धालुओं से समय का पालन करने की अपील की गई है। आइए जानते हैं इस दिन मंदिर के दर्शन के समय और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी।
चंद्र ग्रहण का समय और ग्रस्तोदित स्वरूप
3 मार्च 2026 को पड़ने वाला चंद्र ग्रहण ग्रस्तोदित है। चंद्रमा उदय होते ही ग्रहण की स्थिति में होगा। काशी और अयोध्या में चंद्रोदय शाम करीब 5:59 से 6:26 बजे के बीच होगा। ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा और शाम 6:47 बजे समाप्त होगा। भारत में यह ग्रहण केवल 14-20 मिनट तक दिखाई देगा। शास्त्रों में ग्रहण के दौरान मंदिरों के पट बंद करने और दर्शन रोकने का विधान है। इसीलिए राम मंदिर में भी यह व्यवस्था लागू की गई है।
राम मंदिर में दर्शन बंद रहने का समय
ट्रस्ट की सूचना के अनुसार, 3 मार्च को सुबह 4:00 बजे मंगला आरती और 6:30 बजे श्रृंगार आरती के दर्शन श्रद्धालुओं को उपलब्ध रहेंगे। इसके बाद ग्रहण काल प्रारंभ होने पर सुबह 9:00 बजे से मंदिर परिसर आम दर्शनार्थियों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इस दौरान सामान्य, सुगम और विशिष्ट दर्शन पास भी जारी नहीं किए जाएंगे। मंदिर परिसर में कोई प्रवेश नहीं होगा। यह बंदी रात 8:30 बजे तक रहेगी।
ग्रहण समाप्ति के बाद शुद्धिकरण और पट खुलने का समय
ग्रहण शाम 6:47 बजे समाप्त होगा। इसके बाद मंदिर परिसर का पूर्ण शुद्धिकरण और आवश्यक धार्मिक विधि-विधान किया जाएगा। शुद्धिकरण पूरा होने के बाद रात 8:30 बजे मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। रात 9:30 बजे होने वाली शयन आरती में भक्त शामिल हो सकेंगे। इसके बाद सामान्य दर्शन प्रक्रिया शुरू होगी। ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस समय-सारिणी का सख्ती से पालन करें और मंदिर परिसर में शांति बनाए रखें।
श्रद्धालुओं के लिए अपील और सलाह
ट्रस्ट के न्यासी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि ग्रहण के समय मंदिर बंद रहने का यह निर्णय शास्त्रीय नियमों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। भक्तों से अनुरोध है कि वे घर पर ही राम नाम जप, ध्यान या प्रार्थना करें। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर साफ वस्त्र धारण करके दर्शन के लिए आएं। इस दौरान मंदिर परिसर में अनावश्यक भीड़ ना लगाएं। घर पर ही रामचरितमानस पाठ या राम भजन करें। ग्रहण के बाद अगले दिन होली (धुलेंडी) मनाने के लिए तैयार रहें।
अन्य प्रमुख मंदिरों में भी समान व्यवस्था
चंद्र ग्रहण के कारण देश के कई अन्य मंदिरों में भी दर्शन बंद रहेंगे। काशी विश्वनाथ मंदिर में पट अपराह्न 4:30 बजे बंद होंगे और शाम 7:15 बजे के बाद खुलेंगे। कपासन शनि मंदिर, खाटू श्यामजी धाम और मेहंदीपुर बालाजी में भी पट सुबह से बंद रहेंगे। सभी मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से घर पर ही पूजा-पाठ करने की सलाह दी है। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान और शुद्धिकरण के बाद दर्शन शुरू होंगे।
3 मार्च का चंद्र ग्रहण होलिका दहन के दिन पड़ रहा है। राम मंदिर में साढ़े 11 घंटे बंदी रहेगी। भक्तों को समय-सारिणी का ध्यान रखकर योजना बनानी चाहिए। घर पर राम नाम जप से इस दिन का लाभ उठाएं।




साइन इन