kashi vishwanath temple closed before chandra grahan know timing काशी विश्वनाथ मंदिर में चंद्र ग्रहण से पहले ही बंद हो जाएगा दर्शन, जानिए कारण, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
More

काशी विश्वनाथ मंदिर में चंद्र ग्रहण से पहले ही बंद हो जाएगा दर्शन, जानिए कारण

चंद्र ग्रहण पर काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के समय में बदलाव किया गया है। ग्रहण मोक्ष के बाद शास्त्रोक्त विधि से पूजन और शुद्धिकरण के बाद मंदिर खुल जाएगा। आइए जानते हैं समय

Sun, 1 March 2026 08:56 PMNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
share
काशी विश्वनाथ मंदिर में चंद्र ग्रहण से पहले ही बंद हो जाएगा दर्शन, जानिए कारण

3 मार्च 2026 को फाल्गुन पूर्णिमा पर ग्रस्तोदित चंद्र ग्रहण लग रहा है। इस खास दिन काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के समय में बदलाव किया गया है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने रविवार को सूचना जारी कर बताया कि ग्रहण के कारण मंदिर के पट अपराह्न 4:30 बजे बंद कर दिए जाएंगे। ग्रहण मोक्ष के बाद शास्त्रोक्त विधि से पूजन और शुद्धिकरण के पश्चात सायं 7:15 बजे के बाद मंदिर फिर से खुल जाएगा। आइए विस्तार से जानते हैं इस बदलाव का पूरा विवरण और कारण।

चंद्र ग्रहण का समय और खासियत

3 मार्च 2026 को पड़ने वाला यह चंद्र ग्रहण ग्रस्तोदित है। चंद्रमा उदय होते ही ग्रहण की स्थिति में होगा। काशी में चंद्रोदय शाम 5:59 बजे होगा। ग्रहण मोक्ष का समय 6:47 बजे है। ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा, लेकिन भारत में यह शाम 6:26 से 6:47 बजे तक ही दिखाई देगा। धर्म शास्त्रों में चंद्र ग्रहण के नौ घंटे पहले से सूतक लगने का विधान है। इसीलिए मंदिर प्रशासन ने पहले से ही सावधानी बरती है।

मंदिर के पट बंद होने का समय

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की परंपरा के अनुसार, ग्रहण प्रारंभ होने से डेढ़ घंटे पहले पट बंद कर दिए जाते हैं। चंद्रमा उदय 5:59 बजे होने वाला है, इसलिए मंदिर के पट अपराह्न 4:30 बजे बंद कर दिए जाएंगे। ग्रहण मोक्ष (6:47 बजे) के बाद शास्त्रोक्त उग्रह (मोक्ष) पूजन होगा। पूजन, शुद्धिकरण और आवश्यक धार्मिक विधि-विधान पूर्ण करने के बाद सायं 7:15 बजे के बाद मंदिर के पट समस्त श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

सूतक काल और मंदिर बंद करने का शास्त्रीय आधार

चंद्र ग्रहण का सूतक काल सुबह से ही शुरू हो जाता है। शास्त्रों में ग्रहण के समय मंदिरों के पट बंद करने और दर्शन-पूजन रोकने का विधान है। इस दौरान कोई धार्मिक कार्य नहीं होता। काशी विश्वनाथ मंदिर में भी यही परंपरा है। मंदिर प्रशासन ने बताया कि ग्रहण के कारण मंदिर के पट पहले से बंद रहेंगे ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रहें और शास्त्रीय नियमों का पालन हो। ग्रहण समाप्त होने के बाद ही पूजा और दर्शन शुरू होंगे।

श्रद्धालुओं के लिए अपील और सलाह

मंदिर प्रशासन ने सभी भक्तों से अपील की है कि वे समय-सारिणी का ध्यान रखकर दर्शन की योजना बनाएं। ग्रहण के समय मंदिर परिसर में शांति और अनुशासन बनाए रखें। भक्तों से कहा गया है कि वे घर पर ही नाम जप, ध्यान या प्रार्थना करें। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर साफ वस्त्र धारण कर दर्शन के लिए आएं। मंदिर में भीड़ न बढ़ाएं और नियमों का पालन करें।

ग्रहण के बाद दर्शन-पूजन कब शुरू होगा

ग्रहण मोक्ष के बाद शास्त्रोक्त मोक्ष पूजन और शुद्धिकरण पूरा होने के बाद सायं 7:15 बजे से दर्शन-पूजन शुरू हो जाएगा। इस समय से भक्तों के लिए मंदिर के पट खुल जाएंगे। प्रशासन ने बताया कि ग्रहण के बाद सामान्य दिनचर्या की तरह दर्शन और पूजन होगा। भक्तों को सलाह दी गई है कि वे धैर्य रखें और समय पर मंदिर पहुंचें।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण के बाद ऐसे करें घर की शुद्धि
ये भी पढ़ें:खाटू धाम से लेकर मेहंदीपुर बाला जी के कपाट 3 मार्च को रहेंगे बंद, जानिए कारण
ये भी पढ़ें:Tarot Horoscope Reading March 2026: मार्च का महीना सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा

यह चंद्र ग्रहण होली से ठीक पहले पड़ रहा है। मंदिर बंद होने से भक्तों को पहले से योजना बनाने की जरूरत है। घर पर ही शुभ कार्यों से इस दिन का लाभ उठाएं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!