Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण खत्म होते ही तुरंत करें ये 5 काम, खत्म होगी नकारत्मकता परिवार में बढ़ेगी सुख-शांति
चंद्र ग्रहण समाप्त होते ही वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार शुरू होता है। इस समय किए गए कुछ सरल लेकिन शक्तिशाली काम नकारात्मकता को दूर करते हैं, ग्रह दोष शांत होते हैं और घर-परिवार में सुख-शांति स्थापित होती है।

3 मार्च 2026 को पड़ने वाला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा पर होलिका दहन के साथ जुड़ा हुआ है। शास्त्रों के अनुसार ग्रहण समाप्त होते ही वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार शुरू होता है। इस समय किए गए कुछ सरल लेकिन शक्तिशाली काम नकारात्मकता को दूर करते हैं, ग्रह दोष शांत होते हैं और घर-परिवार में सुख-शांति स्थापित होती है। आइए जानते हैं ग्रहण खत्म होते ही तुरंत करने वाले 5 महत्वपूर्ण काम।
ग्रहण समाप्ति का आध्यात्मिक महत्व
चंद्र ग्रहण के दौरान मन और भावनाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ग्रहण समाप्त होते ही यह प्रभाव कम होने लगता है। धर्म शास्त्रों में इस समय को शुद्धिकरण और नई शुरुआत का सर्वोत्तम अवसर बताया गया है। स्नान, दान और पूजा से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। नकारात्मकता दूर होती है, कलह-क्लेश कम होता है और परिवार में आपसी प्रेम व सौहार्द बढ़ता है। यह समय मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करने का भी है।
तुरंत स्नान और शुद्धिकरण
ग्रहण समाप्त होते ही सबसे पहले गंगाजल मिले जल से स्नान करें। यदि गंगाजल उपलब्ध ना हो, तो साधारण पानी में तुलसी के पत्ते डालकर स्नान करें। स्नान के दौरान मन में भगवान का स्मरण करें और ग्रहण से लगी अशुद्धि दूर होने की प्रार्थना करें। स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। यह कार्य शारीरिक और मानसिक दोनों स्तर पर शुद्धि करता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा तुरंत दूर होती है और मन में शांति का संचार होता है।
घर में गंगाजल का छिड़काव
स्नान के बाद पूरे घर में गंगाजल छिड़कें। मुख्य द्वार, पूजा स्थल, रसोई, बेडरूम और कोनों पर विशेष ध्यान दें। गंगाजल छिड़कते समय मंत्र पढ़ें:
ॐ गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती।
नर्मदे सिंधु कावेरी जलेस्मिन् सन्निधिं कुरु॥
यह उपाय घर की नकारात्मक ऊर्जा को तुरंत समाप्त करता है। वातावरण शुद्ध होता है, कलह-क्लेश कम होता है और परिवार में सकारात्मकता बढ़ती है।
चावल, दूध और दही का दान
ग्रहण के बाद चंद्रमा से जुड़े सफेद पदार्थों का दान विशेष पुण्यदायी है। जरूरतमंदों को चावल, दूध, दही या खीर का दान करें। दान करते समय मन में प्रार्थना करें कि परिवार में सुख-शांति बनी रहे। चावल दान से मानसिक तनाव कम होता है। दूध और दही दान से घर में शीतलता और प्रेम बढ़ता है। यह दान ग्रहण के अशुभ प्रभाव को तुरंत कम करता है और आर्थिक स्थिति में सुधार लाता है।
सफेद वस्त्र और चांदी का दान
सफेद वस्त्र या चांदी का दान चंद्र ग्रहण के बाद सबसे शुभ माना जाता है। अपनी सामर्थ्य अनुसार सफेद कपड़ा, चांदी का सिक्का या छोटा आभूषण दान करें। दान के समय मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु का स्मरण करें। यह दान चंद्र दोष को शांत करता है और घर में सौभाग्य वृद्धि करता है। परिवार में आपसी संबंध मजबूत होते हैं और सुख-शांति स्थापित होती है।
अन्न और मीठे पदार्थों का दान
ग्रहण के बाद अन्न दान को श्रेष्ठ माना जाता है। खीर, मीठे चावल या अन्य श्वेत मिठाई का दान करें। जरूरतमंदों को भोजन कराना सबसे बड़ा दान है। दान करते समय सच्चे मन से प्रार्थना करें कि घर में अन्न-धन की कमी ना हो। यह दान दरिद्रता दूर करता है और परिवार में समृद्धि लाता है। दान सदैव श्रद्धा और विनम्रता से करें। दिखावे का दान अपेक्षित फल नहीं देता है।
3 मार्च 2026 का चंद्र ग्रहण समाप्त होते ही ये 5 काम तुरंत करें। इससे नकारात्मकता खत्म होगी, ग्रह दोष शांत होंगे और परिवार में सुख-शांति बढ़ेगी। मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा बनी रहेगी।




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