Ashtami of Navratri 2025 Kanya Pooja Vidhi Hawan Muhurta Shardiya Navratri Ashtami Time Upay Ashtami: आज नवरात्रि की अष्टमी पर 6 उत्तम मुहूर्त, जानें कन्या पूजा विधि, मंत्र, उपाय, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
More

Ashtami: आज नवरात्रि की अष्टमी पर 6 उत्तम मुहूर्त, जानें कन्या पूजा विधि, मंत्र, उपाय

Ashtami of Navratri 2025: आज है शारदीय नवरात्रि अष्टमी। आज के दिन शुभ योग बन रहे हैं, जिनमे मां दुर्गा की आराधना करना विशेष फलदायी रहेगा। जानें पूजा, हवन अनुष्ठान के लिए शुभ मुहूर्त, कन्या पूजा विधि और खास उपाय-

Tue, 30 Sep 2025 06:43 AMShrishti Chaubey लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
Ashtami: आज नवरात्रि की अष्टमी पर 6 उत्तम मुहूर्त, जानें कन्या पूजा विधि, मंत्र, उपाय

Ashtami of Navratri 2025: आज है शारदीय नवरात्रि की अष्टमी। आठवें दिन मां दुर्गा की आठवीं शक्ति माता महागौरी की पूजा का विधान है। नवरात्र के आठवें दिन इनकी पूजा का विधान है। इस साल महा अष्टमी पर शोभन योग बन रहा है, जो 1 अक्टूबर की रात 1:03 बजे तक रहेगा। इसके साथ ही सुबह तक मूल नक्षत्र रहेगा और सुबह 6:17 बजे से पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र आरंभ होगा। शोभन योग को अत्यंत मंगलकारी माना जाता है, जिसमें पूजा-पाठ और शुभ कार्य करना श्रेष्ठ होता है। आज इन शुभ संयोगों में मां दुर्गा की आराधना विशेष फलदायी रहेगा। आइए जानते हैं दुर्गा अष्टमी पर पूजा, हवन व कन्या पूजा के लिए शुभ मुहूर्त, विधि, मंत्र व उपाय-

आज नवरात्रि की अष्टमी पर 6 उत्तम मुहूर्त

पंचांग अनुसार, आज शाम 06:06 बजे तक अष्टमी रहेगी, जिसके बाद नवमी लग जाएगी। सुबह 9:12 से लेकर दोपहर 1:40 तक तीन चर लाभ अमृत के चौघड़िया मुहूर्त रहेंगे, जो पूजा पाठ, हवन अनुष्ठान के लिए शुभ माने जाते हैं।

  1. अभिजित मुहूर्त 11:47 ए एम से 12:35 पी एम
  2. विजय मुहूर्त 02:10 पी एम से 02:58 पी एम
  3. गोधूलि मुहूर्त 06:08 पी एम से 06:32 पी एम
  4. चर - सामान्य 09:12 ए एम से 10:41 ए एम
  5. लाभ - उन्नति 10:41 ए एम से 12:11 पी एम
  6. अमृत - सर्वोत्तम 12:11 पी एम से 01:40 पी एम

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:नवरात्रि के आठवें दिन इस मुहूर्त में करें महागौरी की पूजा, जानें मंत्र, भोग

भोग- देवीभागवत पुराण के अनुसार, नवरात्र की अष्टमी तिथि को मां को नारियल का भोग लगाने की पंरपरा है। भोग लगाने के बाद नारियल को या तो ब्राह्मण को दे दें अन्यथा प्रसाद रूप में वितरण कर दें।

मंत्र- सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तु ते॥, ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥, ॐ दुं दुर्गायै नमः

अष्टमी पर कन्या पूजा की विधि

कुछ भक्त नवरात्र की अष्टमी तिथि को कन्या पूजन करते हैं। इस दिन कन्याओं को घर पर बुलाकर उनके पैरों को धुलाकर मंत्र द्वारा पंचोपचार पूजन करना चाहिए। रोली-तिलक लगाकर और कलावा बांधकर सभी कन्याओं को हलवा, पूरी, सब्जी और चने का प्रसाद परोसें। इसके बाद उनसे आशीर्वाद लें। समार्थ्यनुसार कोई भेंट व दक्षिणा देकर विदा करना चाहिए। ऐसा करने से भक्त की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। मां का कन्या रूप मोक्षदायी है। इसलिए इनकी आराधना करने से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:अष्टमी पर कब करें हवन व कन्या पूजन, नोट कर लें शुभ मुहूर्त

उपाय- सुबह साफ शुद्ध होकर पूजा घर में गंगाजल छिड़कें। माता को नए वस्त्र आभूषण, सजावट, शृंगार करके पूजा घर को सुंदर बनाएं। पूजा घर में 9 वर्ष की कन्या से हल्दी, रोली या पीले चंदन के हाथ का थापा लगवाएं। कन्याओं को दक्षिणा या उपहार देकर विदा करें। सपिरवार पूजा, हवन करें। दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:आज का राशिफल: मेष राशि से लेकर मीन का 30 सितंबर का दिन कैसा रहेगा?
ये भी पढ़ें:कैसे करें कन्या पूजा, नोट करें अष्टमी-नवमी पर कन्या पूजा का मुहूर्त
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!