akshaya tritiya vrat katha in hindi read this story to get maa lakshmi blessings Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर करें इस व्रत कथा का पाठ, मां लक्ष्मी और विष्णु जी के कृपा से मिलेगा अक्षय पुण्य फल, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
More

Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर करें इस व्रत कथा का पाठ, मां लक्ष्मी और विष्णु जी के कृपा से मिलेगा अक्षय पुण्य फल

हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक अक्षय तृतीया का व्रत आज यानी 19 अप्रैल 2026 को रखा जाएगा। इस दिन शुभ मुहूर्त में व्रत कथा का पाठ करने अक्षय पुण्य फल की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं अक्षय तृतीया की व्रत कथा और इसके पाठ की विधि।

Sun, 19 April 2026 08:53 AMNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
share
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर करें इस व्रत कथा का पाठ, मां लक्ष्मी और विष्णु जी के कृपा से मिलेगा अक्षय पुण्य फल

अक्षय तृतीया का पावन पर्व 19 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा। यह दिन हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माना जाता है। इस तिथि पर किया गया कोई भी शुभ कार्य, दान, पूजा या व्रत कभी व्यर्थ नहीं जाता है। इसका फल अक्षय यानी अनंत काल तक मिलता रहता है। अक्षय तृतीया पर व्रत रखकर और इसकी कथा का पाठ करने से मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस व्रत कथा को सुनने और पढ़ने से जीवन में सुख, समृद्धि और पुण्य की प्राप्ति होती है।

अक्षय तृतीया व्रत कथा

प्राचीन समय की बात है। एक गांव में धर्मदास नाम का एक गरीब वैश्य रहता था। वह बहुत ही सात्विक और धार्मिक स्वभाव का था। परिवार के भरण-पोषण के लिए वह दिन-रात मेहनत करता, फिर भी गरीबी उसे छोड़ती नहीं थी। एक दिन गांव में अक्षय तृतीया की कथा सुनने का मौका मिला। कथा के अनुसार, इस दिन किया गया दान और व्रत अक्षय फल देता है।

धर्मदास ने यह सुनकर मन ही मन संकल्प लिया कि वह अक्षय तृतीया का व्रत रखेगा और सामर्थ्य अनुसार दान करेगा। जब अक्षय तृतीया का दिन आया, तो वह ब्रह्म मुहूर्त में उठा, गंगा स्नान किया और विधि-विधान से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की। पूरे दिन व्रत रखा। शाम को उसने अपने पास जो भी थोड़ा-बहुत था - घड़ा, जल, फल, फूल, तिल, चावल, गुड़, घी, दही, वस्त्र और थोड़ा सोना सब कुछ ब्राह्मणों को दान कर दिया।

उसकी पत्नी और परिवार वाले बहुत घबराए। उन्होंने कहा, 'अगर आप सब कुछ दान कर देंगे, तो हमारा पेट कैसे भरेगा?' लेकिन धर्मदास ने कोई जवाब नहीं दिया। उसकी आस्था इतनी दृढ़ थी कि वह दान से पीछे नहीं हटा। उस दिन के बाद हर साल जब भी अक्षय तृतीया आती, वह बिना किसी हिचक के व्रत रखता और दान करता।

समय बीतता गया। धर्मदास बूढ़ा हो गया और अंत समय में भी उसने अक्षय तृतीया का व्रत रखा और दान किया। मृत्यु के बाद उसके पुण्य के प्रभाव से वह अगले जन्म में कुशावती का राजा बना। वह इतना प्रतापी और धनी राजा हुआ कि उसके दरबार में त्रिदेव भी ब्राह्मण का रूप धारण करके आते थे। राजा होने पर भी उसमें घमंड नहीं आया। वह सदैव धर्म मार्ग पर चलता रहा।

कहा जाता है कि इसी पुण्य के बल पर वह आगे चलकर चंद्रगुप्त जैसे महान सम्राट के रूप में जन्मा। इस प्रकार अक्षय तृतीया के व्रत और दान ने एक गरीब वैश्य को राजा बना दिया।

अक्षय तृतीया पर व्रत कथा पढ़ने के लाभ

इस व्रत कथा का पाठ करने से मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। कथा सुनने से घर में सुख-समृद्धि आती है, आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और पितरों को तृप्ति मिलती है। जो व्यक्ति सच्चे मन से इस कथा का पाठ करता है, उसे अक्षय पुण्य फल प्राप्त होता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:अक्षय तृतीया 2026: कब करें खरीदारी, क्या है सही तिथि और शुभ चौघड़िया?

कैसे करें अक्षय तृतीया व्रत

19 अप्रैल 2026 को सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें और व्रत का संकल्प लें। पूरे दिन व्रत रखें। शाम को कथा पढ़ें या सुनें। सामर्थ्य अनुसार ब्राह्मण या जरूरतमंद को दान दें। व्रत का पारण अगले दिन सुबह करें।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:Weekly Numerology 19 to 25 April 2026: मूलांक 1-9 के लिए कैसा रहेगा यह सप्ताह?

अक्षय तृतीया का धार्मिक महत्व

अक्षय तृतीया को 'आखा तीज' भी कहते हैं। इस दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति इतनी शुभ होती है कि पूरे दिन को अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इस तिथि पर सोना-चांदी खरीदना, गृह प्रवेश, विवाह और दान-पुण्य जैसे कार्य करने से अक्षय फल प्राप्त होता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:सोने का रथ, चांदी की पालकी... अक्षय तृतीया पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश

अक्षय तृतीया 2026 पर इस व्रत कथा का पाठ जरूर करें। इससे न सिर्फ इस जन्म में, बल्कि आने वाले जन्मों में भी सुख और समृद्धि बनी रहेगी। मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा से जीवन में कभी कमी नहीं रहेगी।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!