Akshaya Tritiya, अक्षय तृतीया पर सिर्फ इस 1 चीज के दान से मिलेगा पुण्य ही पुण्य, प्रेमानंद महाराज से जानें खास उपाय
Akshaya Tritiya 2026 Date Time Akshaya Tritiya ka Daan : अक्षय तृतीया अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन कई धार्मिक और मंगल कार्य किए जाते हैं। इस दिन कई लोग खरीदारी और दान-पुण्य जैसे कार्य भी करते हैं।

Akshaya Tritiya 2026 Date Time Akshaya Tritiya ka Daan, अक्षय तृतीया पर क्या दान करें : हर साल वैशाख महीने में अक्षय तृतीया का त्योहार मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल 2026 के दिन सुबह में 10 बजकर 50 मिनट पर शुरू हो जाएगी, जिसका समापन 20 अप्रैल 2026 के दिन सुबह में 07 बजकर 27 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, 20 अप्रैल के दिन अक्षय तृतीया का पावन पर्व मनाया जाएगा। अक्षय तृतीया एक अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन कई धार्मिक और मंगल कार्य किए जाते हैं। इस दिन कई लोग खरीदारी और दान-पुण्य जैसे कार्य भी करते हैं। मान्यता है कि इस दिन की गई चीजों का फल अक्षय यानि कभी न खत्म होने वाला होता है। ऐसे में वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज जी से जानते हैं अक्षय तृतीया पर सबसे बड़ा दान क्या है-
अक्षय तृतीया पर सिर्फ इस 1 चीज के दान से मिलेगा पुण्य ही पुण्य, प्रेमानंद महाराज से जानें खास उपाय
प्रेमानंद महाराज जी के अनुसार, अक्षय तृतीया पर दान करने की परंपरा काफी पुरानी है। इस खास दिन पर दान-पुण्य जितना किया जाए उतना ही बेहतर है। इस दिन दान करने का फल बढ़ चढ़कर मिलता है। महाराज के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन सबसे बड़ा दान नामजप का दान करना है। इससे बड़ा दान और कुछ नहीं। इस दिन अगर आपका नामजप या कीर्तन-भजन किसी व्यक्ति के कानों तक पहुंच रहा है तो इससे उस व्यक्ति का जीवन भी मंगलमय हो रहा है। इस दिन आपकी वजह से किसी को खुशी या सुख का अनुभव होगा तो उससे अपनी उन्नति भी होगी। महाराज जी के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन मौन रहना अति उत्तम रहता है। श्री राधा रानी को भोग लगाएं और घर में भोजन करें। बाहर किसी भी जगह पानी भी ग्रहण न करें। श्रद्धा भक्ति के साथ भगवान का नामजप करें। इस दिन जितना भगवान का नामजप किया जाएगा उतना ही लाभ मिलेगा।
अक्षय तृतीया पर किन चीजों की खरीदारी शुभ मानी जाती है?
अक्षय तृतीया के खास मौके पर सोना, चांदी, भगवान के वस्त्र, पूजा-पाठ का समान, हल्दी की गांठ, तुलसी का पौधा, पीली सरसों, बर्तन, कौड़ी, मोरपंख, श्री यंत्र, फल, अनाज, धार्मिक पुस्तक, जप माला, ठाकुर जी की बांसुरी, जौ, पंखा, घड़ा आदि की खरीदारी शुभ मानी जाती है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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