नौतपा के बाद सूर्य जून में करेंगे आद्रा नक्षत्र गोचर, राहु का नक्षत्र है आद्रा, इस गोचर में क्या किया जाता है?
बिहार में आद्रा नक्षत्र का बहुत अधिक महत्व है। आद्रा नक्षत्र का खास तौर पर स्वागत किया जाता है। सबसे पहले जानते हैं कि यह कौन से नंबर का नक्षत्र है और इस नक्षत्र का स्वामी कौन है। इसमें क्या करना चाहिए और इससे राशियों पर क्या असर होगा?

बिहार में आद्रा नक्षत्र का बहुत अधिक महत्व है। आद्रा नक्षत्र का खास तौर पर स्वागत किया जाता है। सबसे पहले जानते हैं कि यह कौन से नंबर का नक्षत्र है और इस नक्षत्र का स्वामी कौन है। इसमें क्या करना चाहिए और इससे राशियों पर क्या असर होगा? आद्रा का अर्थ गीला अर्थात नमी होती है। सूर्य इस साल 22 जून को इस राशि में जाएंगे, इससे पहले 15 जून को सूर्य का गोचर मिथुन राशि में हो जाएगा। अभी नौतपा हैं जो 2 जून को खत्म हो जाएंगे। सूर्य के आद्रा नक्षत्र में जाने को क्यों खास माना जाता है। जब सूर्य इस नक्षत्र में जाते हैं तो मानसून का आगमन हो जाता है। आद्रा नक्षत्र का स्वामी राहु है। जब सूर्य इस नक्षत्र में जाते हैं तो परेशानियां भी आती हैं और सुख भी मिलता है। आर्द्रा नक्षत्र के लोग इमोशनली अपने आपको अच्छे से जानते हैं, वे अपने इमोशंस को अच्छे से जाहिर भी कर सकते हैं।
सूर्य के इस गोचर से किन राशियों के लिए लाभ?
सूर्य के इस गोचर से कई राशियों को लाभ होता है। खासकर सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं, इसलिए इस राशि के लोगों के लिए अच्छे योग बन रहे हैं। इस राशि के लोगों के लिए समय उत्तम है। आपको लाभ भी मिलेगा और आपके लिए पुराने प्रोजेक्ट अब लाभ की डील बनकर आएंगे। कन्या राशि के लिए भी आपके लिए लाभ के योग हैं। आपकी राशि को लाभ हो सकता है साथ ही करियर में आपके लिए सोने पर सुहागा समय है। आपकी अभी की कोशिशे आपके लिए आगे की जमीन तैयार कर देंगी। धनु राशि के लिए भी समय उत्तम है, आपमें आत्मविश्वास आएगा, सरकारी काम आपके जो बिगड़े हुए थे, उन्हें सरकारी सपोर्ट मिलेगा। आपके फैसले भी अच्छे होंगे और आपको लाभ मिलेगा।
क्या होता है जब सूर्य आद्रा नक्षत्र में जाते हैं?
जब सूर्य इस नक्षत्र में जाते हैं तो बिहार आदि जगहों पर खीर, दाल की पुरी की थाली का भोग लगाया जाता है। इस दिन से ही आम खाने की शुरुआत हो सकती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार आद्रा नक्षत्र में देवी देवताओं का पूजन किया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए लोगों ने उन्हें इसका भोग लगाया था।
इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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