aaj ka vichar quote of the day 11 april 2026 acharya chanakya niti worldly sorrows these 3 things give peace Quote Of The Day: सांसारिक दुखों से परेशान लोगों को ये 3 चीजें देती हैं सुकून, पढ़ें आचार्य चाणक्य के विचार, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
More

Quote Of The Day: सांसारिक दुखों से परेशान लोगों को ये 3 चीजें देती हैं सुकून, पढ़ें आचार्य चाणक्य के विचार

aaj ka vichar: आचार्य चाणक्य ऐसे महान विचारक थे, जिनकी बातें आज भी लोगों को सही रास्ता दिखाती हैं। उन्होंने सिर्फ राजनीति और अर्थशास्त्र ही नहीं, बल्कि समाज और परिवार से जुड़ी कई जरूरी बातें भी बताई हैं, जो आज भी काम आती हैं।

Sat, 11 April 2026 08:12 AMDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
share
Quote Of The Day: सांसारिक दुखों से परेशान लोगों को ये 3 चीजें देती हैं सुकून, पढ़ें आचार्य चाणक्य के विचार

Aaj Ka Vichar: आचार्य चाणक्य ऐसे महान विचारक थे, जिनकी बातें आज भी लोगों को सही रास्ता दिखाती हैं। उन्होंने सिर्फ राजनीति और अर्थशास्त्र ही नहीं, बल्कि समाज और परिवार से जुड़ी कई जरूरी बातें भी बताई हैं, जो आज भी काम आती हैं। उन्होंने शादीशुदा जीवन, सफलता, नौकरी और दोस्ती जैसे विषयों पर गहराई से समझ दी है। आज हम उनके 5 ऐसे श्लोकों के बारे में जानेंगे, जिन्हें अगर आप अपने जीवन में अपनाते हैं, तो सफलता पाना आसान हो सकता है।

कल

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:Quote Of The Day: शेर से 1, कुत्ते से 5 और गधे से 3 गुण इंसानों को सीखनी चाहिए

श्लोक 1

दर्शनाध्यानसंस्पर्शेः मत्सी कूर्मी च पक्षिणी।
शिशुपालयते नित्यं तथा सज्जनसङ्गतिः॥

आचार्य चाणक्य ने इस श्लोक में बताया है कि जैसे मछली (मत्सी) अपने बच्चों को केवल देखने से, कछुआ (कूर्मी) ध्यान के द्वारा, और पक्षी स्पर्श करके अपने बच्चों का पालन-पोषण करते हैं, उसी तरह सज्जनों की संगति भी मनुष्य का पालन-पोषण और विकास करती है। अच्छे लोगों का साथ हमारे जीवन को सुधारता है, हमें आगे बढ़ाता है और सही दिशा देता है।

श्लोक 2

यावत्स्वस्थो ह्ययं देहो यावन्मृत्युश्च दूरतः।
तावदात्महितं कुर्यात् प्राणान्ते किं करिष्यति ॥

आचार्य चाणक्य इस श्लोक के जरिए कहते हैं कि जब तक यह शरीर स्वस्थ है और मृत्यु दूर है, तब तक मनुष्य को अपने अच्छे कर्म, साधना, सही काम कर लेने चाहिए। क्योंकि जब मृत्यु पास आ जाएगी, तब कुछ भी करना संभव नहीं रहेगा।

श्लोक 3

कामधेनुगुणा विद्या ह्यकाले फलदायिनी।
प्रवासे मातृसदृशी विद्या गुप्तं धनं स्मृतम्॥”

इस श्लोक में चाणक्य बताते हैं कि विद्या कामधेनु के समान होती है, जो हर समय लाभ देने वाली है। जैसे कामधेनु सभी इच्छाएं पूरी करती है, वैसे ही विद्या हर परिस्थिति में व्यक्ति के काम आती है। घर से दूर या विदेश में रहने पर विद्या मां की तरह सुरक्षा देती है। साथ ही, विद्या को ऐसा गुप्त धन माना गया है, जिसे कोई चुरा नहीं सकता।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:भगवान हमारे सामने आएं तो उन्हें कैसे पहचानें? प्रेमानंद महाराज ने दिया ये जवाब

श्लोक 4

अधीत्येदं यथाशास्त्रं नरो जानाति सत्तमः ।
धर्मोपदेशं विख्यातं कार्याऽकार्य शुभाऽशुभम् ।।

इसमें चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति इस ज्ञान और शास्त्र को सही तरीके से पढ़ता और समझता है, वह श्रेष्ठ बन जाता है। वह धर्म की शिक्षा को समझता है और यह जान लेता है कि क्या करना सही है और क्या नहीं, क्या शुभ है और क्या अशुभ। शास्त्रों का सही अध्ययन करने से व्यक्ति में समझ और विवेक आता है, जिससे वह सही और गलत में फर्क पहचान पाता है।

श्लोक 5

संसारतापदग्धानां त्रयो विश्रान्तेहेतवः।
अपत्यं च कलत्रं च सतां सङ्गतिरेव च ॥

इस श्लोक के जरिए आचार्य चाणक्य कहते हैं कि इस संसार के दुखों से परेशान लोगों के लिए तीन चीजें शांति देती हैं। संतान, जीवनसाथी और अच्छे लोगों की संगति।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:Quote Of The Day: इन 5 चीजों को सही तरीके से अपनाएं, पढ़ें चाणक्य के विचार
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!