बंगाल में आप सत्ता का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं; चुनाव आयोग पर क्यों भड़का कलकत्ता HC
जज की इन टिप्पणियों के बाद चुनाव आयोग शुक्रवार यानी आज कोर्ट में एक हलफनामा पेश करेगा। इस हलफनामे में आयोग चुनाव से दो दिन पहले ये पाबंदियां लगाने के पीछे का कारण बताएगा।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी है। गुरुवार को पहले चरण का मतदान रिकॉर्ड वोटिंग के साथ संपन्न हुआ। इस बीच कलकत्ता हाईकोर्ट से एक खबर सामने आ रही है जो कि चुनाव आयोग की चिंता बढ़ा सकती है। हाईकोर्ट ने वोटिंग के दिन मोटरसाइकिलों पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर चुनाव आयोग पर कड़ी टिप्पणी की है। गुरुवार को जस्टिस कृष्णा राव ने आयोग से कहा, "आप अपनी सत्ता का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इस तरह से नागरिकों को परेशान किया जा रहा है।"
जज की इन टिप्पणियों के बाद चुनाव आयोग शुक्रवार यानी आज कोर्ट में एक हलफनामा पेश करेगा। इस हलफनामे में आयोग चुनाव से दो दिन पहले ये पाबंदियां लगाने के पीछे का कारण बताएगा। आयोग कोर्ट को उन पिछली घटनाओं के बारे में भी बता सकता है जिनमें मोटरसाइकिलों का गलत इस्तेमाल हुआ था।
हाईकोर्ट ने पूछे तीखे सवाल
गुरुवार को जस्टिस राव ने आयोग से आगे कहा, "आम नागरिकों के अधिकारों को इस तरह से कम नहीं किया जा सकता है। अगर यही तर्क है तो आपको कारों पर भी रोक लगा देनी चाहिए। आखिर लोग कारों का इस्तेमाल बम और बंदूकें ले जाने और दंगा भड़काने के लिए भी तो कर सकते हैं!" उन्होंने आगे कहा, "कोर्ट को दिखाएं कि पिछले पांच सालों में ऐसी कितनी घटनाएं हुई हैं जिनमें मोटरसाइकिल पर सवार गुटों ने हिंसा भड़काई हो? यह एक बहुत बड़ा कदम है। असल में चुनाव से दो दिन पहले ही सब कुछ ठप कर देता है। मैं फिर दोहराता हूं कि यह सब सिर्फ अधिकारियों की नाकामियों को छिपाने के लिए किया जा रहा है।"
नोटिफिकेशन में क्या-क्या
मंगलवार को आयोग ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें कहा गया कि चुनाव से दो दिन पहले से कोई भी मोटरसाइकिल रैली निकालने की इजाजत नहीं होगी। नोटिफिकेशन में साफ किया गया कि चुनाव से पहले के दो दिनों में सुबह 6:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक मोटरसाइकिल चलाई जा सकती है; लेकिन इस दौरान पीछे किसी सवारी को बिठाना पूरी तरह से मना होगा। चुनाव वाले दिन भी सुबह 6:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक मोटरसाइकिल चलाई जा सकती है, लेकिन यह छूट तभी मिलेगी जब चालक वोट डालने या किसी इमरजेंसी काम से जा रहा हो।
चुनाव आयोग ने यह भी साफ किया कि ये पाबंदियां इमरजेंसी मेडिकल जरूरतें, परिवार से जुड़े मामले या बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के मामलों में लागू नहीं होंगी। जो लोग सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए मोटरसाइकिल से जा रहे हैं तो उन्हें भी छूट दी गई है। ये नियम Rapido जैसी ऐप-आधारित सेवाओं पर लागू नहीं होंगे।




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