मतदाताओं को सलाम; पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु में रिकॉर्ड तोड़ मतदान से CEC ज्ञानेश कुमार गदगद
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा में रिकॉर्ड तोड़ मतदान से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भी गदगद हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से दोनों राज्यों में यह सबसे ज्यादा वोटिंग है। दोनों राज्यों के मतदाताओं को सलाम।

West Bengal: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में बंपर वोटिंग के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के बाद ऐसा पहली बार है, जब जनता ने इतनी बड़ी संख्या में बाहर आकर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया है। बता दें, चुनाव आयोग द्वारा बताए गए नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल के पहले चरण में 91.91 फीसदी, जबकि तमिलनाडु चुनाव में करीब 84.80 फीसदी मतदान दर्ज किया गया है।
मतदान के आंकड़े सामने आने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ने इन दोनों राज्यों के मतदाताओं को बड़ी संख्या में वोटिंग करने के लिए सलाम किया। उन्होंने कहा, "आजादी के बाद तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत सामने आया है। चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के प्रत्येक मतदाता को सलाम करता है।"
आपको बता दें, पश्चिम बंगाल में कुछ हिंसक घटनाओं के बीच मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी रही। चुनाव आयोग ने इस वोटिंग के पहले पश्चिम बंगाल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। अब ऐसी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 90 फीसदी से ज्यादा लोगों का मतदान करने आना यह दिखाता है, कि चुनाव आयोग की हिंसा के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति काम आई है।
आयोग के आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल के कई जिलों में 90 फीसदी से अधिक मतदान दर्ज किया गया है। दक्षिण दिनाजपुर में दक्षिण दिनाजपुर 94.85% के साथ सबसे आगे रहा, इसके बाद कूच बिहार (94.54%), बीरभूम (93.70%), जलपाईगुड़ी (93.23%) और मुर्शिदाबाद (92.93%) रहे। ये आंकड़े राज्य भर में लगातार उच्च मतदाता भागीदारी को दर्शाते हैं, जहाँ सभी प्रमुख जिलों में मतदान 90% से ऊपर रहा। दूसरी तरफ तमिलनाडु में भी प्रमुख जिलों में अच्छा मतदान दर्ज किया गया, जहाँ करूर 92.48% के साथ सबसे आगे रहा, इसके बाद सेलम (90.42%), धर्मपुरी (90.02%), इरोड (89.97%) और नमक्कल (89.63%) रहे।
2021 के मुकाबले पश्चिम बंगाल में ज्यादा मतदान 2021 के मुकाबले पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में दोनों जगह ज्यादा मतदान हुआ है। 2021 में तमिलनाडु में जहां 76.6 फीसदी मतदान हुआ था, तो वहीं पश्चिम बंगाल में हिंसा के बाद भी करीब 85.2 फीसदी लोग अपने मत का प्रयोग करने के लिए आए थे।




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