West Bengal Election First Phase Voting Seat Preview And Key Constituencies list अगर BJP ने इन सीटों पर TMC को हराया तो...; बंगाल चुनाव में कैसे पहला चरण तय कर सकता है नतीजा, West-bengal Hindi News - Hindustan
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अगर BJP ने इन सीटों पर TMC को हराया तो...; बंगाल चुनाव में कैसे पहला चरण तय कर सकता है नतीजा

ममता बनर्जी को अपनी कल्याणकारी योजनाओं और अल्पसंख्यक वोटों (खासकर मालदा-मुर्शिदाबाद में) पर भरोसा है। पार्टी अपने ग्रासरूट नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन एंटी-इनकंबेंसी और आंतरिक कलह चुनौती बनी हुई है।

Sat, 18 April 2026 03:12 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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अगर BJP ने इन सीटों पर TMC को हराया तो...; बंगाल चुनाव में कैसे पहला चरण तय कर सकता है नतीजा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा। इस फेज में कुल 152 सीटों पर वोटिंग होनी है। मतगणना 4 मई को होगी। यह चरण उत्तर बंगाल, पश्चिमी जिलों और दक्षिण के कुछ हिस्सों को कवर करता है, जो पूरे चुनाव के नतीजों को काफी हद तक प्रभावित करने वाला माना जा रहा है। इस चरण में कूचबिहार, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, उत्तर-दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, पुरुलिया, बांकुरा, झाड़ग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर, पश्चिम बर्धमान और बिरभूम-नदिया के कुछ हिस्से शामिल हैं। यहां सीमा वाले जिले, आदिवासी बेल्ट, चाय बागान क्षेत्र और औद्योगिक इलाके आते हैं। इस क्षेत्र में आदिवासी समुदाय, चाय मजदूर, अल्पसंख्यक बहुल इलाके और शहरी मतदाताओं का मिश्रण है।

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पहले चरण के मतदान में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है, जबकि वाम-कांग्रेस गठबंधन भी कुछ जगहों पर असर डाल सकता है। TMC अपनी मौजूदा सीटों की रक्षा करने की कोशिश कर रही है, वहीं बीजेपी उत्तर बंगाल, जंगलमहल और सीमा क्षेत्रों में मजबूत पकड़ बनाने पर जोर दे रही है। मतदाता सूची संशोधन को लेकर विवाद भी है, जिसमें 90 लाख से ज्यादा नाम हटाए जाने की खबरें हैं। पहले चरण की प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में सिलिगुड़ी, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, कूचबिहार उत्तर-दक्षिण, रायगंज, इस्लामपुर, बालुरघाट, मालदा-मुर्शिदाबाद की कई सीटें और आसनसोल, बांकुरा, पुरुलिया व झाड़ग्राम शामिल हैं। इन सीटों पर सीमा सुरक्षा, आदिवासी मुद्दे, चाय बागान मजदूरों की समस्याएं और एंटी-इनकंबेंसी जैसे फैक्टर काम करेंगे। नंदीग्राम, दिनहटा, कृष्णागंज, तमलुक और कोंताई जैसी सीटें भी काफी महत्व रखती हैं।

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पूरे चुनाव की दिशा तय कर सकता है नतीजा

टीएमसी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कल्याणकारी योजनाओं और अल्पसंख्यक वोटों (खासकर मालदा-मुर्शिदाबाद में) पर भरोसा है। पार्टी अपने ग्रासरूट नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन एंटी-इनकंबेंसी और आंतरिक कलह चुनौती बनी हुई है। वहीं, बीजेपी उत्तर बंगाल, सीमा क्षेत्र और जंगलमहल में फोकस कर रही है, जहां सिलिगुड़ी, दिनहाटा, रायगंज और बालुरघाट जैसी सीटें उसके टारगेट पर हैं। वाम-कांग्रेस गठबंधन मुख्य रूप से द्विध्रुवीय मुकाबले में वोट काटने की भूमिका निभा सकता है, खासकर मुर्शिदाबाद, मालदा और कुछ शहरी क्षेत्रों में। 2021 के मुकाबले भाजपा इस चरण में अपनी 59 सीटों की रक्षा कर रही है, जबकि TMC 92 सीटों की। इस चरण का नतीजा पूरे चुनाव की दिशा तय कर सकता है क्योंकि यहां ग्रामीण, शहरी, आदिवासी और सीमा क्षेत्रों का अच्छा मिश्रण है।

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पहले चरण में उम्मीदवारों का कैसा रिकॉर्ड

ADR विश्लेषण के अनुसार, इस चरण में कुल 1,475 उम्मीदवारों में 23 प्रतिशत (345) पर आपराधिक मामले हैं, जिनमें 20 प्रतिशत गंभीर आरोप हैं। 21 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति (औसत संपत्ति 1.34 करोड़ रुपये) हैं। 66 सीटें रेड अलर्ट वाली हैं। महिला उम्मीदवार केवल 11 प्रतिशत (167) हैं। ज्यादातर उम्मीदवार 41-60 साल के बीच हैं और लगभग आधे 12वीं तक पढ़े हुए हैं। पहला चरण पश्चिम बंगाल की सियासत के लिए बेहद अहम है। टीएमसी सत्ता बचाने की लड़ाई लड़ रही है, जबकि BJP और अन्य विपक्षी दल इसे ममता सरकार के खिलाफ बड़ा मौका मान रहे हैं।