West Bengal Election 2026 Former Trinamool councillor arrested in Kolkata for allegedly intimidating voters ऐप से पता चल जाएगा... वोटर्स को धमकाने के आरोप में TMC नेता कोलकाता में गिरफ्तार, West-bengal Hindi News - Hindustan
More

ऐप से पता चल जाएगा... वोटर्स को धमकाने के आरोप में TMC नेता कोलकाता में गिरफ्तार

West Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बढ़ते चुनावी तनाव के बीच निर्वाचन आयोग और पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तृणमूल कांग्रेस के पूर्व पार्षद निर्मल दत्ता को मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।

Thu, 16 April 2026 12:06 AMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
share
ऐप से पता चल जाएगा... वोटर्स को धमकाने के आरोप में TMC नेता कोलकाता में गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बढ़ते चुनावी तनाव के बीच निर्वाचन आयोग और पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व पार्षद निर्मल दत्ता को मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। बिधाननगर दक्षिण पुलिस स्टेशन की टीम ने बुधवार को साल्ट लेक के बाहरी इलाके दत्ताबाद में एक नुक्कड़ सभा के दौरान निर्मल दत्ता को हिरासत में लिया। उनकी गिरफ्तारी एक वायरल वीडियो के आधार पर हुई, जिसमें वे कथित तौर पर मतदाताओं को खुलेआम चेतावनी देते दिख रहे हैं।

दरअसल, वायरल वीडियो में दत्ता कहते नजर आ रहे हैं कि उनके अलावा किसी और को वोट नहीं दिया जाएगा और उनके पास एक मोबाइल एप्लिकेशन है, जिससे पता चल जाएगा कि किसने किसे वोट दिया है। उन्होंने कथित रूप से धमकी भी दी कि तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ वोट देने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। बता दें कि निर्मल दत्ता को तृणमूल कांग्रेस का सक्रिय कार्यकर्ता और बिधाननगर से विधानसभा चुनाव लड़ रहे राज्य मंत्री सुजित बोस का करीबी माना जाता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:पश्चिम बंगाल में मीर जाफर के वंशजों के नाम वोटर लिस्ट से कटे, छोड़ना पड़ेगा देश?

बता दें कि भारतीय निर्वाचन आयोग के सख्त दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी मतदाता को प्रभावित करने या धमकाने का प्रयास चुनावी अपराध माना जाता है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद दत्ता को साल्ट लेक की स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 24 अप्रैल 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फिलहाल इस मामले की पुलिस विस्तृत जांच कर रही है और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता व शुचिता बनाए रखने के लिए आगे की कार्रवाई की तैयारी में है। इस घटना ने बिधाननगर सहित पूरे पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल को गरमा दिया है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:मां काली के प्रसाद पर बंगाल में राजनीति, ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर अटैक; टॉप5

बता दें कि कुछ दिन पहले ही दक्षिण 24 परगना जिले के मगरहाट पश्चिम ब्लॉक में सत्तारूढ़ टीएमसी के एक स्थानीय नेता पर वोटर्स को धमकी देने का आरोप लगा था। युवा तृणमूल अध्यक्ष इमरान हसन मोल्लाह पर आरोप है कि उन्होंने एक सार्वजनिक रैली में कहा कि यदि बूथ के सभी 700 वोट टीएमसी को नहीं मिले तो चुनाव के बाद लक्ष्मी भंडार योजना बंद कर दी जाएगी। वायरल वीडियो में इमरान हसन मोल्लाह कहते सुनाई दिए थे कि इस बूथ में 700 वोट हैं। सभी 700 वोट जोड़े में ही डालने होंगे। अगर वोट अन्य जगहों पर डाले गए, तो चुनाव के बाद लक्ष्मी भंडार बंद कर दिया जाएगा। लेकिन मैंने कहा कि वह इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा। क्योंकि वह तृणमूल खाएगा, तृणमूल पहनेगा और तृणमूल के साथ बेईमानी करेगा... मैंने 2021 में बेईमानों को माफ कर दिया था। मैं उन्हें 2026 में फिर से माफ नहीं करूंगा।