सांसद मिताली बाग पर हुए हमले पर इतना आक्रामक क्यों TMC? दूसरे चरण के चुनाव से ऐन पहले कैसा दांव
दक्षिण पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की एक सांसद, मिताली बाग ने भाजपा द्वारा हमले का आरोप लगाया है। इसको लेकर टीएमसी ने तगड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि मिताली बाग शिड्यूल कास्ट समुदाय की आवाज हैं।

दक्षिण पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की एक सांसद, मिताली बाग ने भाजपा द्वारा हमले का आरोप लगाया है। इसको लेकर टीएमसी ने तगड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि मिताली बाग शिड्यूल कास्ट समुदाय की आवाज हैं। वह बंगाल के लोगों की आवाज है। एक्स पर पोस्ट में लिखा गया है कि उनके वाहन को निशाना बनाया गया। इसके बाद गंभीर चोटों के साथ वह अस्पताल पहुंचीं। अभिषेक बनर्जी भी उन्हें देखने पहुंचे और पार्टी के साथ होने की बात कही। टीएमसी ने बयान में कहा है कि हिंसा पर भाजपा का भरोसा दिखाता है कि वह जीत के लिए किस कदर भूखी है। इसमें आगे कहा गया है कि हम पत्थर से जवाब नहीं देते, बल्कि लोगों की ताकत से जवाब देंगे। बता दें कि बंगाल में सात जिलों की कुल 142 सीटों पर बुधवार को दूसरे चरण का मतदान होगा। मतगणना 4 मई को होगी।
मिताली बाग का क्या आरोप
हुगली जिले में, आरामबाग की सांसद मिताली बाग ने सोमवार को आरोप लगाया कि वह पार्टी नेता अभिषेक बनर्जी की रैली में शामिल होने जा रही थीं, तब गोघाट पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की। बाग ने फेसबुक लाइव के दौरान रोते हुए आरोप लगाया कि जब उनका वाहन भाजपा उम्मीदवार के चुनाव कार्यालय के पास से गुजर रहा था, तब भाजपा समर्थित असामाजिक तत्वों ने उनकी गाड़ी पर पथराव किया। इसकी वजह से खिड़कियों के शीशे टूट गए। बाग ने बताया कि वह एमयूवी कार की आगे वाली सीट पर बैठी थीं और उनकी पार्टी के कुछ कार्यकर्ता पीछे बैठे थे। बाग ने दावा किया कि गाड़ी का शीशा टूटने से उन्हें चोटें आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला और दलित जन प्रतिनिधि होने के बावजूद, उन्हें फासीवादी भाजपा द्वारा संरक्षित गुंडों ने निशाना बनाया। बाद में उन्हें इलाज के लिए आरामबाग अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में बाग से मिलने पहुंची बनर्जी ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि बंगाल की जनता भाजपा को मुंहतोड़ जवाब देगी।
दलित कार्ड खेल रही टीएमसी?
मिताली बाग शिड्यूल कास्ट से ताल्लुक रखती हैं। पश्चिम बंगाल में करीब 25 फीसदी दलित आबादी है। इस चुनाव में अनुसूचित जाति के लिए 68 और अनुसूचित जनजाति के लिए 16 सीटें आरक्षित हैं। मतदान के दूसरे चरण में बड़ी संख्या में इस तरह की सीटें हैं। टीएमसी के लिए चिंता का सबब है साल 2021 का विधानसभा चुनाव। उस साल आरक्षित सीटों पर भाजपा का वोट शेयर 45 फीसदी तक पहुंच गया था। अगर इस बार भाजपा फिर से ऐसा कुछ करने में सफल रहती है तो वह टीएमसी के किले में सेंध लगाने में कामयाब रहेगी। यही वजह है कि टीएमसी बुधवार को होने वाले दूसरे चरण के मतदान से ऐन पहले, दलित दांव खेलकर इन सीटों पर अपना प्रभाव बढ़ाना चाहती है।
भाजपा ने क्या दिया जवाब
भाजपा ने आरोपों का खंडन करते हुए इस घटना को ‘नाटक’ बताया। भाजपा की तरफ से कहा गया है कि हमला तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने उनके नेता पर किया था। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले में रिपोर्ट मांगी गई है और इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय बलों को भी मौके पर तैनात किया गया है।




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