बंगाल में जारी है चुनाव के बाद हत्याओं का दौर, अब तक 6 मरे; किस दल से हैं सबसे ज्यादा लोग?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य में हिंसा भड़क गई है। अब तक BJP और TMC के 6 कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है। पढ़ें बंगाल हिंसा की पूरी और ताज़ा रिपोर्ट, जानें किस पार्टी को हुआ कितना नुकसान।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आने के बाद शुरू हुआ हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों से लगातार संघर्ष और हत्याओं की खबरें आ रही हैं। ताजा अपडेट के अनुसार, चुनावी नतीजों के बाद हुई हिंसा में मरने वालों का आंकड़ा अब 6 तक पहुंच गया है।
बंगाल में चुनावी हिंसा: अब तक का पूरा लेखा-जोखा
4 मई को आए चुनाव परिणामों में भाजपा की जीत के बाद से ही राज्य के कई हिस्सों, विशेषकर दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना और बीरभूम में तनाव बना हुआ है।
मृतकों का विवरण: किस दल के कितने लोग?
अब तक हुई 6 हत्याओं में राजनीतिक दलों का समीकरण लगभग बराबरी पर बना हुआ है, जो राज्य में प्रतिशोध की राजनीति की भयावह तस्वीर पेश करता है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े मृतक: भाजपा की जीत के बाद हुए संघर्षों में पार्टी के 3 कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है। इसमें सबसे चर्चित मामला उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम का है, जहां भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। दूसरा मामला हावड़ा के उदय नारायणपुर से सामने आया, जहां 45 वर्षीय यादव बोर पर उस समय धारदार हथियारों से हमला किया गया जब वे पार्टी की जीत का जश्न मनाकर लौट रहे थे। वहीं, मंगलवार शाम न्यू टाउन इलाके में एक विजय जुलूस के दौरान TMC कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर पीटे जाने के बाद BJP कार्यकर्ता मधु मंडल की मौत हो गई। भाजपा ने इन सभी हत्याओं के लिए सीधे तौर पर टीएमसी समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े मृतक: हिंसा के इस दौर में तृणमूल कांग्रेस ने भी अपने 3 सक्रिय कार्यकर्ताओं को खोया है। बीरभूम जिले के नानूर में हुई हिंसक झड़प के दौरान अबीर शेख की मौत हो गई, जिसे लेकर इलाके में भारी तनाव है। कोलकाता के बेलघाटा क्षेत्र में बिस्वजीत पटनायक की हत्या चुनावी रंजिश के चलते किए जाने का आरोप है। ताजा मामले में दक्षिण 24 परगना के कैनिंग से शेख मुजीबुर का शव बरामद हुआ है। पुलिस ने बताया कि बीरभूम के नानूर में BJP कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर TMC कार्यकर्ता अबीर शेख की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। टीएमसी नेतृत्व का दावा है कि चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा कार्यकर्ता 'विजिलेंस जस्टिस' के नाम पर उनके लोगों को चुन-चुनकर निशाना बना रहे हैं।
राज्य पुलिस के अनुसार, इन सभी 6 मामलों में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और अब तक कुल 45 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रभावित जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।
प्रमुख हॉटस्पॉट
उत्तर 24 परगना: सबसे अधिक हिंसक घटनाएं इसी जिले में दर्ज की गई हैं।
बीरभूम: राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस जिले में टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच लगातार झड़पें हो रही हैं।
हावड़ा और कैनिंग: यहां छिटपुट आगजनी और बमबारी की खबरें भी सामने आई हैं।
ताजा स्थिति और प्रशासनिक कार्रवाई
राज्य पुलिस ने अब तक विभिन्न जिलों से करीब 45 लोगों को गिरफ्तार किया है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने स्पष्ट किया है कि जब तक नई सरकार का शपथ ग्रहण नहीं हो जाता और आदर्श आचार संहिता का प्रभाव है, कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी सीधे तौर पर प्रशासन की है। आयोग ने मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
भाजपा का कहना है कि वे केवल अपनी जीत का जश्न मना रहे हैं और टीएमसी अपनी हार पचा नहीं पा रही है। टीएमसी का आरोप है कि भाजपा 'विजिलेंटे जस्टिस' (भीड़ न्याय) के जरिए उनके कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है। बंगाल में चुनाव के बाद होने वाली यह हिंसा एक पुराना और चिंताजनक पैटर्न रही है। हालांकि इस बार सत्ता परिवर्तन हुआ है, लेकिन धरातल पर कार्यकर्ताओं के बीच का संघर्ष वही पुराना है। प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती 'चेन ऑफ वायलेंस' को तोड़ना है, ताकि मरने वालों का यह आंकड़ा और न बढ़े। अगले 48 घंटे राज्य की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि कई क्षेत्रों में अभी भी विजयी रैलियों का आयोजन होना है।




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