बाबरी मस्जिद बनाएंगे, रोक सको तो... योगी के 'कयामत' पर हुमायूं कबीर की खुली चुनौती
पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले बाबरी मस्जिद को लेकर सियासत तेज हो गई है। अब इस सियासत में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी एंट्री हो गई है। सीएम योगी के बाबरी मस्जिद वाले बयान पर पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता और जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने पलटवार किया है।

पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले बाबरी मस्जिद को लेकर सियासत तेज हो गई है। अब इस सियासत में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी एंट्री हो गई है। सीएम योगी के बाबरी मस्जिद वाले बयान पर पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता और जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने पलटवार किया है। मंगलवार को हुमायूं कबीर ने कहा कि वे मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नकल वाली मस्जिद जरूर बनाएंगे और कोई उन्हें रोक नहीं सकता। इस दौरान उन्होंने योगी आदित्यनाथ को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि मस्जिद बनाकर रहूंगा, रोक सको तो रोक लो।
क्या बोले हुमायूं कबीर?
न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए हुमायूं कबीर ने कहा कि यह लखनऊ या उत्तर प्रदेश नहीं है, अयोध्या भी नहीं है, बंगाल है और यहां ममता बनर्जी का शासन है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुसार मुसलमानों को भी मस्जिद बनाने का पूरा अधिकार है, ठीक वैसे ही जैसे अन्य लोग मंदिर या चर्च बनाते हैं। इस दौरान हुमायूं कबीर ने कहा कि 6 दिसंबर 2025 को बाबरी ढांचे के गिराए जाने की वर्षगांठ पर उन्होंने मस्जिद की नींव रखी थी और अब 11 फरवरी 2026 से निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि सुबह 10 बजे के आसपास करीब 1200 लोग कुरान पढ़ते हुए काम की शुरुआत करेंगे। इस दौरान हुमायूं ने योगी आदित्यनाथ को चुनौती देते हुए कहा कि अगर रोकना है तो रोककर दिखाएं, लेकिन वे किसी से नहीं डरते और किसी दबाव में नहीं आएंगे। मस्जिद बनाकर रहेंगे। रोक सको तो रोक लो।
यूपी सीएम योगी ने क्या कहा था?
इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि 'कयामत' का दिन कभी नहीं आने वाला है और इसलिए बाबरी ढांचा भी कभी दोबारा नहीं बनेगा। आदित्यनाथ ने बाराबंकी में एक कार्यक्रम में कहा कि हमने कहा था कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। मंदिर बन गया है। क्या कोई शक है? उन्होंने कहा कि 'कयामत' का दिन कभी आना ही नहीं है और इसलिए बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण भी कभी होना ही नहीं है। जो लोग कयामत के दिन के आने का सपना देख रहे हैं, वे ऐसे ही सड़-गल जाएंगे। कभी वह वक्त नहीं आने वाला है।
सीएम योगी ने आगे कहा कि अयोध्या में 500 वर्षों के बाद वह गौरवशाली क्षण (राम मंदिर का निर्माण) हमारे सामने आया। इन 500 वर्षों में अनेक राजा-महाराजा आये, अनेक सरकारें आयीं। वर्ष 1947 में भारत आजाद हुआ और 1952 में पहले चुनाव के बाद सरकारें बनती गईं मगर अयोध्या में भगवान राम का उनकी जन्म भूमि पर मंदिर निर्माण कराने की बात आखिर उनके मन में क्यों नहीं आई। विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा कि कुछ लोग हैं जो अवसरवादी रवैया अपनाते हैं। जब संकट आता है तब राम याद आते हैं और बाकी समय राम को भूल जाते हैं इसलिए भगवान राम भी अब उनको भूल चुके हैं। अब उनकी नैया कभी पार नहीं होगी, यानी रामद्रोहियों के लिए अब कोई जगह नहीं है।
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