बंगाल में 'बाबरी मस्जिद' बनवाने वाले हुमायूं कबीर पर कसा शिकंजा, दामाद की 11 CR की संपत्ति जब्त
पश्चिम बंगाल पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस के निलंबित नेता हुमायूं कबीर के एक रिश्तेदार की लगभग 11 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्रवाई कथित मादक पदार्थ तस्करी मामले के संबंध में की जा रही है।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस के निलंबित नेता और बाबरी मस्जिद बनाने वाले हुमायूं कबीर के एक रिश्तेदार की लगभग 11 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्रवाई कथित मादक पदार्थ तस्करी मामले के संबंध में की जा रही है। पुलिस अधीक्षक (SP) धृतिमान सरकार ने पत्रकारों को बताया कि मुर्शिदाबाद जिले के लालगोला के नालदाहारी जैसे इलाकों में जमीन, मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों सहित कुल 14 संपत्तियां, 15 बैंक खाते और वाहन कानूनी प्रक्रिया के तहत कुर्क किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कबीर की बेटी के ससुर शरीफ-उल-इस्लाम की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया तब शुरू की गई जब आरोप लगे कि ये संपत्तियां पिछले कई वर्षों में नशीले पदार्थों के व्यापार के माध्यम से अर्जित की गई थीं। तृणमूल कांग्रेस से निलंबित होने के बाद जनता उन्नयन पार्टी (जेएपी) का गठन करने वाले कबीर ने आरोपों से इनकार किया और पुलिस कार्रवाई को 'राजनीतिक रूप से प्रेरित' बताया।
एसपी ने बताया कि पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत मादक पदार्थों की तस्करी के एक मामले में शरीफ-उल-इस्लाम की 10.73 करोड़ रुपये की 14 संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोप है कि आरोपी द्वारा अर्जित संपत्तियां उसके आय स्रोतों से कहीं अधिक हैं। निचली अदालत के आदेश के बाद यह प्रक्रिया शुरू की गई है। जांच पूरी होने के बाद हम आगे की जानकारी साझा करेंगे।
वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पुलिस की यह कार्रवाई शरीफ-उल-इस्लाम के रिश्तेदार जिया-उर-रहमान की गिरफ्तारी के बाद की गई, जिसके पास से पिछले साल 25 मार्च को कथित तौर पर लगभग 500 ग्राम मादक पदार्थ बरामद किया गया था। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामले सामने आए जिसके चलते पुलिस ने शरीफ की संपत्ति के स्रोत की जांच शुरू की। एसपी ने कहा कि जब्ती की कानूनी प्रक्रिया इस साल एक जनवरी को शुरू हुई थी और उच्च अधिकारियों से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद सोमवार को जब्ती अभियान शुरू हुआ।
दूसरी ओर कबीर ने दावा किया कि उनकी बेटी के ससुर ईंट भट्ठे और जमीन के सौदों सहित वैध व्यवसाय करते हैं। उन्होंने कहा कि वह इस जब्ती के खिलाफ कलकत्ता उच्च न्यायालय में अपील करेंगे। कबीर की बेटी नजमा सुल्ताना ने भी आरोप लगाया कि उनके परिवार को राजनीतिक प्रतिशोध के कारण निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शरीफ और गिरफ्तार आरोपी के बीच कोई व्यावसायिक संबंध नहीं है। सुल्ताना ने कहा कि समय पर गौर कीजिए। मेरे पिता को तृणमूल कांग्रेस से निलंबित किए जाने के बाद ही ये सभी आरोप सामने आ रहे हैं। मेरे ससुर का मादक पदार्थ तस्करी से कोई संबंध नहीं है और वह एक सफल व्यवसायी हैं।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने कहा कि कबीर के पार्टी से अलग होने से पहले ही मामला दर्ज किया गया था। घोष ने कहा कि उनकी नई पार्टी भाजपा की 'बी' टीम बनकर रह गई है। इस मामले में पीड़ित होने का नाटक करने से कोई फायदा नहीं होगा। कानून अपना काम करेगा और इसमें तृणमूल कांग्रेस की कोई भूमिका नहीं है।




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