पश्चिम बंगाल में अकेले उतरेगी कांग्रेस, विधानसभा चुनाव में दूसरे दलों से दूरी बनाने की वजह भी बताई
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने बड़ा फैसला लिया है। कांग्रेस ने गुरुवार को फैसला किया कि वह पश्विम बंगाल विधानसभा चुनाव में किसी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और सभी 294 सीटों पर अकेले ही चुनाव लड़ेगी।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने बड़ा फैसला लिया है। कांग्रेस ने गुरुवार को फैसला किया कि वह पश्विम बंगाल विधानसभा चुनाव में किसी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और सभी 294 सीटों पर अकेले ही चुनाव लड़ेगी। पार्टी नेतृत्व की पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक में शामिल पश्चिम बंगाल के प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने इसको लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अलग-अलग दलों के साथ गठबंधन करने से जमीनी स्तर पर कांग्रेस का कार्यकर्ता हतोत्साहित हुआ है। बता दें कि कांग्रेस ने वर्ष 2021 का विधानसभा चुनाव वाम दलों के साथ गठबंधन में लड़ा था और उसे एक भी सीट नहीं मिली थी।
खरगे के आवास पर बैठक
यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास ‘10 राजाजी मार्ग’ पर हुई। इस दौरान खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शुभांकर सरकार, वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी और कई अन्य नेता शामिल हुए। कुछ नेता इस बैठक में डिजिटल माध्यम से भी जुड़े। पश्चिम बंगाल में आगामी अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव संभावित है।
क्या बोले गुलाम अहमद मीर
बैठक के बाद गुलाम अहमद मीर ने मीडिया को इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस बैठक में पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनाव से जुड़ी महत्वपूर्ण रणनीतिक चर्चा हुई। इसमें सभी नेताओं ने अपने सुझाव दिए हैं। पार्टी नेतृत्व ने सबकी बात सुनी और सामूहिक रूप से यह तय किया गया कि हम इस बार अकेले चुनाव लड़ेंगे। उनका कहना था कि अलग-अलग दलों के साथ गठबंधन करने से जमीनी स्तर पर कांग्रेस का कार्यकर्ता हतोत्साहित हुआ है। मीर का कहना था कि अब कांग्रेस के पदाधिकारी इसी फैसले के मद्देनजर प्रदेश में चुनाव की तैयारी करेंगे।




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