मॉनसून को लेकर बुरी खबर, मौसम विभाग ने दिया अल-नीनो का अपडेट; जून में भयंकर हीटवेव का अलर्ट
मौसम विभाग ने इस बार मॉनसून को लेकर बुरी खबर सुनाई है। मौसम विभाग के मुताबिक जून से सितंबर तक होने वाली बारिश सामान्य से कम रहेगी। इसके अलावा जून और जुलाई में तापमान सामान्य से ज्यादा बना रहेगा।

मॉनसून को लेकर मौसम विभाग ने एक बुरी खबर सुनाई है। मौसम विभाग ने इस बार जून से सितंबर तक होने वाली बरसात का अपडेट देते हुए बताया कि इस बार मॉनसूनी सीजन में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। वहीं जून और जुलाई के दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा बना रहेगा। मौसम विभाग ने मॉनसून के दौरान ही अल-नीनो की भी संभावना जताई है जिसका असर सीधा बरसात पर होगा। IMD ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि जून से सितंबर तक होने वाली मॉनसूनी बारिश में इस बार 10 फीसदी की कमी देखी जा सकती है।
मॉनसून को लेकर क्या है बुरी खबर
मौसम विभाग ने बताया कि इस बार दक्षिण पश्चिम मॉनूसन की बारिश समान्य से 10 फीसदी कम यानी सामान्य बारिश के 90 फीसदी से भी कम होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक इतनी राहत की बात है कि पूर्वोत्तर भारत में सामान्य बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने बताया है कि पूर्वोत्तर भारत को छोड़कर बाकी पूरे देश में ही सामान्य से कम बारिश की संभावना है।
मध्य और प्रायद्वीपीय भारत में औसम से कम बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक मध्य और प्रायद्वीपीय भारत यानी मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा मॉनसून कोर जोन जहां आम तौर पर अच्छी बारिश होती है, वहां भी इस बार कम बारिश होगी। जून की बात करें तो इस पूरे महीने सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश होने की संभावना है। जून में केवल उत्तर पूर्व भारत और मध्य प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है।
भयंकर गर्मी और हीटवेव का अलर्ट
मौसम विभाग ने बताया है कि 2026 में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। मध्य उत्तर पश्चिम और पूर्व भारत को छोड़कर हां अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है। जून 2026 के दौरान उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश , महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक हीटवेव की स्थितियां बनने की संभावना है। राजस्थान और झारखंड में सामान्य से कम हीटवेव की संभावना है।
अल नीनो की स्थितियों में परिवर्तन हो रहा है। नवीनतम जलवायुमंडंल के पूर्वानुमान से दक्षिण पश्चिम मॉनसून के दौरान अल नीनो की स्थितियां बन सकती हैं। हिंद महासागर में सतह पर गर्मी देखी जा सकती है। मॉनसून के ऋतु के दौरान अल नीनो की स्थितियां बनी रह सकती हैं। मई में देश में सामान्य से चार फीसदी ज्यादा बारिश हुई है।
अभी कहां है मॉनसून
मॉनसून की केरल में एंट्री की सामान्य तारीख 1 जून होती है। हालांकि इस बार 26 मई तक ही मॉनसून आने की संभावना जताई गई थी। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले दो से तीन दिन में मॉनसून लक्षद्वीप, बंगाल की खाड़ी में आगे बढ़ सकता है। फिलहाल मॉनसून श्रीलंका, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह पहुंच चुका है। जन के अंत तक दक्षिण पश्चिम मॉनसून पूरे देश को कवर कर सकता है।
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