विपक्ष के हमलों की 'काट' या मिशन 2027? उत्तराखंड से क्यों हटाए गए संगठन महामंत्री अजेय कुमार
एक वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तीन दिन तक सरकार और संगठन की नब्ज को बारीकी से टटोला था। महामंत्री संगठन को राजस्थान भेजने का फैसला उनके उत्तराखंड से लौटने के दूसरे ही दिन आ गया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के तीन दिवसीय प्रवास के बाद भाजपा ने प्रदेश महामंत्री-संगठन अजेय कुमार को उत्तराखंड से हटाते हुए राजस्थान की जिम्मेदारी सौंप दी। राष्ट्रीय महासचिव अरुण कुमार सिंह ने सोमवार को इसके आदेश किए। अजेय को राजस्थान भेजने के फैसले को साल 2027 के विधानसभा चुनाव के लिहाज से भाजपा की खास रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। इस बीच, पार्टी में प्रदेश प्रभारी और सहप्रभारी के दायित्व बदलने की चर्चा भी जोरों पर है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन पदों पर भी जल्द ही बदलाव संभावित है। एक वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तीन दिन तक सरकार और संगठन की नब्ज को बारीकी से टटोला था। महामंत्री संगठन को राजस्थान भेजने का फैसला उनके उत्तराखंड से लौटने के दूसरे ही दिन आ गया।
पार्टी जल्द ही नए चेहरे को सौंपेगी जिम्मेदारी
अजेय कुमार वर्ष 2019 से उत्तराखंड में भाजपा के संगठन महामंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब उन्हें राजस्थान जैसे बड़े राज्य में इसी पद की जिम्मेदारी दी गई है। उत्तराखंड में अजेय कुमार काफी समय से विपक्ष के निशाने पर थे। राज्य में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव हैं, ऐसे में भाजपा किसी नए चेहरे को प्रदेश महामंत्री संगठन की जिम्मेदारी देने जा रही है। नई नियुक्ति जल्द ही कर दी जाएगी।
उत्तराखंड भाजपा में कई और बड़े बदलाव संभव
देहरादून, मुख्य संवाददाता। अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनावों से पहले प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार को बदलने के बाद भाजपा के राज्य संगठन में फिर बदलाव की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, जल्द भाजपा को नया प्रभारी और सह प्रभारी मिल सकता है।
पार्टी के भीतर चर्चाओं के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जल्द ही अपनी नई टीम का ऐलान कर सकते हैं। इसके बाद राज्यों में चुनाव प्रभारी और सह प्रभारी की नियुक्ति नए सिरे से होगी। सूत्रों का कहना है कि हाल के दिनों में प्रदेश प्रभारी को लेकर विपक्ष हमलावर रहा है। एक पूर्व विधायक से जुड़े कथित वीडियो वायरल होने के बाद मामला कई बार बहस का विषय बना। हाल में राष्ट्रीय अध्यक्ष की बैठक में विपक्ष के नैरेटिव की ‘काट’ खोजने पर जोर दिया गया था। इधर, बिहार व झारखंड के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र नाथ त्रिपाठी को दिल्ली बुलाया गया है। वे अब राष्ट्रीय संगठक का दायित्व संभालेंगे। दूसरी तरफ, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कहा कि अजेय कुमार के नेतृत्व में पार्टी ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति दोनों ही मोर्चों पर उनका योगदान अहम रहा है। चौहान ने कहा कि अजेय कुमार को उत्तराखंड से अब राजस्थान भेजे जाने का उद्देश्य वहां भाजपा के संगठन को मजबूत करना है।
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