villages in Ganga and Yamuna valley to reduce from 65 km to just 5 km over 50000 people gets benefit गंगा-यमुना घाटी के गांवों की 65 किमी दूरी घटकर होगी 5 KM, 50 हजार की आबादी को फायदा, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
More

गंगा-यमुना घाटी के गांवों की 65 किमी दूरी घटकर होगी 5 KM, 50 हजार की आबादी को फायदा

उत्तरकाशी में गंगा और यमुना घाटी के दूरस्थ गांवों को जोड़ने के लिए सरकार ने सड़क परियोजना की मंजूरी दे दी है। 2.14 करोड़ की लागत में यह नई सड़क इन गांवों की दूरी को 65 किमी से घटाकर महज 5 किमी कर देगी।

Tue, 17 March 2026 08:22 AMGaurav Kala विमल पुर्वाल, देहरादून, हिन्दुस्तान
share
गंगा-यमुना घाटी के गांवों की 65 किमी दूरी घटकर होगी 5 KM, 50 हजार की आबादी को फायदा

सरकार ने उत्तरकाशी जिले की गंगा और यमुना घाटी के दूरस्थ गांवों को जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को मंजूरी दे दी है। बणगांव-चौपड़ा-कसलाना सड़क के निर्माण से बणगांव से कसलाना के बीच की दूरी करीब 65 किलोमीटर तक कम हो जाएगी, जिससे दोनों घाटियों के बीच संपर्क बेहद आसान हो जाएगा।

अभी तक यमुनाघाटी के पुरोला और नौगांव क्षेत्र से गंगा घाटी के बणगांव, बनचौरा और चिन्यालीसौड़ जाने के लिए लोगों को राड़ीटॉप और ब्रह्मखाल होते हुए लगभग 70 किलोमीटर लंबा रास्ता तय करना पड़ता था। सड़क बनने के बाद यह दूरी घटकर महज 5 किलोमीटर रह जाएगी। खास बात यह है कि ये क्षेत्र सांस्कृतिक रूप से पहले से जुड़े हुए हैं और पैदल रास्ते से इनकी दूरी सिर्फ 1 से 2 घंटे की है, लेकिन सड़क न होने के कारण लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता था।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:कहर बनी आंधी-बारिश से किशोर की मौत, स्कूल की दीवार गिरने से 5 दबे; आज भी अलर्ट

2.14 करोड़ में होगा निर्माण

लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव विनीत कुमार की ओर से सड़क की वित्तीय स्वीकृति के संदर्भ में आदेश किए गए हैं। इस सड़क के लिए कुल 2.14 करोड़ की मंजूरी दी गई है।

50 हजार से ज्यादा आबादी को मिलेगा फायदा

इस परियोजना से यमुनोत्री और पुरोला विधानसभा क्षेत्र की 50 हजार से अधिक आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। भाजपा नेता मनवीर चौहान के अनुसार, उत्तरकाशी की दस्की, हातड़, गोदड़ और खाटल पट्टी के लोग इस सड़क से सबसे अधिक लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में रोटी-बेटी के पारंपरिक रिश्ते हैं, जिससे आवाजाही आसान होने पर सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:शीतलहर की चपेट में उत्तराखंड, बदरीनाथ-हेमकुंड में 5 फीट तक बर्फ; तस्वीरें

25 साल पुरानी मांग अब हुई पूरी

इस सड़क की मांग पिछले करीब 25 वर्षों से लगातार उठ रही थी। वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पहले उत्तरकाशी दौरे के दौरान इस सड़क निर्माण की घोषणा की थी। अब परियोजना को वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद इसके निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:उत्तराखंड में आज से कमर्शियल सिलेंडर मिलेंगे, हर जिले का कोटा तय

स्थानीय लोगों का मानना है कि सड़क बनने से न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़े कार्यों में भी तेजी आएगी। यह परियोजना उत्तरकाशी के दूरस्थ क्षेत्रों के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।