मैदानों में ओलावृष्टि और पहाड़ों में बर्फबारी; उत्तराखंड में 5 मई तक बारिश और अंधड़ का अलर्ट
Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में पहाड़ों से लेकर मैदान तक गुरुवार को मौसम का मिजाज बदल गया। बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि से प्रदेशभर में तापमान सामान्य से पांच डिग्री तक नीचे आ गया। 5 मई तक अलर्ट है।

Uttarakhand Weather: देहरादून से लेकर पूरे उत्तराखंड में गुरुवार को बारिश और ओलावृष्टि से मौसम का मिजाज बदल गया। दोपहर बाद हुई ओलावृष्टि एवं बारिश से मौसम ठंडा हो गया। मौसम विभाग ने पांच मई तक प्रदेश में बारिश, तेज हवाएं और 4000 मीटर ऊंचाई वाली चोटियों पर बर्फबारी का पूर्वानुमान जारी किया है। दून में दिन में ही घने बादलों से अंधेरा छा गया और वाहन चालकों को लाइटें तक जलानी पड़ीं। बारिश के बाद दून का तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 33.9 दर्ज किया गया।
प्रदेशभर में बदला मौसम का मिजाज
उत्तराखंड में पहाड़ों से लेकर मैदान तक गुरुवार को मौसम का मिजाज बदल गया। बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि से प्रदेशभर में तापमान सामान्य से पांच डिग्री तक नीचे आ गया। बारिश, ओलावृष्टि से शाम के समय ठंडक का अहसास हो गया। प्रदेश में पांच मई बारिश, ओलावृष्टि एवं चोटियों पर बर्फबारी के आसार जताए गए हैं। एकता विहार में धरने पर बैठे नर्सिंग बेरोजगारों का टेंट टूट गया। तेज हवाओं की वजह से परेशानी झेलनी पड़ी।
पर्यटन नगरी में जमकर बरसे ओले
मसूरी। जमकर ओलावृष्टि होने से मसूरी व आस पास के क्षेत्र ओलों की सफेद चादर से ढक गए। लोगों ने बर्फ जैसा आनंद लिया। भारी ओलावृष्टि के कारण जन जीवन प्रभावित हो गया l। पर्यटन नगरी में दोपहर बाद करीब दो घंटे जमकर ओले बरसे। ओले इतने तेजी से बरसे की पूरी पहाड़ियां, घरों की छतें, सड़कें बर्फ की तरह सफेद हो गईं। ओले पड़ने के कारण जो जहां था वहीं फंस गया। ओले काफी मोटे थे। करीब एक घंटे से अधिक समय तक बरसात कम होने का इंतजार करते रहे। वहीं ओलों से पेड़ों के पत्ते भी छलनी हो गये। इससे गेहूं की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। बारिश से माल रोड तालाब बन गई, जिस पर पैदल चलना मुश्किल हो गया। दोपहिया वाहन आधे पानी में डूब गए।
पांच मई तक बारिश और ओलावृष्टि के आसार
मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने पांच मई तक प्रदेश में बारिश, तेज हवाएं और 4000 मीटर ऊंचाई वाली चोटियों पर बर्फबारी का पूर्वानुमान जारी किया है। उन्होंने यात्रियों से आंधी के दौरान एहतियात बरतने की अपील की है।
मसूरी में सबसे ज्यादा बारिश, टिहरी में तापमान ज्यादा गिरा
मसूरी में सर्वाधिक 52.3 एमएम बारिश दर्ज की गई। ऋषिकेश के नीलकंठ में 17 एमएम, टिहरी में 13 एमएम, दून के हाथीबड़कला में 13.5 एमएम बारिश, भटवाडी में 16, जानकी चट्टी में 12, धारचूला में 10.2, मुन्सयारी 7.4, रुद्रप्रयाग में पांच एमएम बारिश हुई।
अप्रैल में दून में बारिश का दो साल का रिकार्ड टूटा
अप्रैल माह में दून में दो साल बाद सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। 2023 में 56.1 एमएम बारिश हुई थी। इस साल सामान्य से 20 फीसदी ज्यादा 43.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। प्रदेशभर में अप्रैल माह में 55.5 एमएम बारिश हुई।
हल्द्वानी से नैनीताल तक अंधड़-बारिश से आफत
कुमाऊं के मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट बदली, जिससे भीषण गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन अंधड़ और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। हल्द्वानी के दमुवाढूंगा में एक विशाल पेड़ सड़क और हाई-वोल्टेज बिजली लाइनों पर गिर गया, जिसमें राहगीर बाल-बाल बचे। वहीं, नैनीताल, भीमताल और आसपास के इलाकों में आंधी-तूफान के कारण घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही और यातायात प्रभावित हुआ। पर्यटकों ने खुशनुमा मौसम का आनंद लिया। अचानक आई कुदरती आफत ने स्थानीय प्रशासन और ऊर्जा निगम की तैयारियों की पोल खोल दी। वहीं कोटाबाग, नलनी, मंगोली, घटगढ़ के जंगलों में लगी आग बुझ गई।
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