चेक बाउंस में ई-मेल और वॉट्सएप से भी भेज सकेंगे समन, उत्तराखंड HC का आदेश
अब शिकायत दर्ज करने पर शिकायतकर्ता को आरोपी का ईमेल और WhatsApp नंबर देना अनिवार्य होगा। हाई कोर्ट ने कहा कि चेक बाउंस में मोबाइल पर भी समन दिया जा सकता है।

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने चेक बाउंस मामलों में अब समन केवल पारंपरिक तरीकों से नहीं, बल्कि ईमेल, मोबाइल और वॉट्सएप के माध्यम से भी भेजे जाने की अनुमति दी है। यह निर्देश रजिस्टार जनरल योगेश कुमार गुप्ता की ओर से जारी सर्कुलर में दिया गया है।
सर्कुलर के अनुसार, अब शिकायत दर्ज करने पर शिकायतकर्ता को आरोपी का ईमेल और वॉट्सएप नंबर देना अनिवार्य होगा, साथ ही इन जानकारियों की सत्यता प्रमाणित करने वाला अफिडेविट भी संलग्न करना होगा। हर शिकायत के साथ एक संक्षिप्त विवरण भी फॉर्मेट के अनुसार दिया जाएगा, जिसे कोर्ट के स्टाफ कंप्यूटर सिस्टम में दर्ज करेगा।
नए नियम क्या होंगे
नए नियमों के तहत, समन जारी करने से पहले धारा 223 BNNS के तहत अतिरिक्त प्रक्रिया करने की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही, सॉफ्टवेयर में एक नया टेम्पलेट जोड़ा गया है, जो "Cause of Action" से संबंधित सीमा अवधि को स्वतः गणना करेगा।
आरोपियों को भी जल्द राहत के विकल्प
अदालत ने आरोपी को जल्द राहत देने के लिए ऑनलाइन भुगतान विकल्प भी शुरू किया है। समन में अब ऑनलाइन भुगतान सुविधा और लिंक स्पष्ट रूप से उल्लेखित होंगे। आरोपी सीधे CNR नंबर या केस क्रेडेंशियल डालकर चेक की राशि जमा कर सकता है। यदि भुगतान कर दिया जाता है, तो अदालत मामले को कंपाउंडिंग के आधार पर बंद कर सकती है।
झूठी शिकायतों पर ऐक्शन
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि गलत या झूठी ईमेल/वॉट्सएप जानकारी देने पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यह दिशा-निर्देश हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के पालन में जारी किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यह नोट किया था कि देश भर में लाखों चेक बाउंस मामले लंबित हैं, जिससे न्यायिक प्रणाली पर भारी दबाव है।
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