US Iran War Shakes Middle East Impact Reaches Uttarakhand as Youth Recount Ordeal ‘घर के पास 14 मिसाइलें गिरीं, मैं बच्चों संग भाग रहा हूं’; मिडिल ईस्ट पर हमलों का उत्तराखंड तक असर, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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‘घर के पास 14 मिसाइलें गिरीं, मैं बच्चों संग भाग रहा हूं’; मिडिल ईस्ट पर हमलों का उत्तराखंड तक असर

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग से मिडिल ईस्ट दहल रहा है और इसका असर उत्तराखंड तक पड़ रहा है। उत्तराखंड के कई युवा मिडिल ईस्ट के देशों में पढ़ रहे हैं, नौकरी कर रहे हैं। हमलों से जूझ रहे इन युवाओं ने भयावहता बयां की हैं।

Sun, 1 March 2026 08:01 AMGaurav Kala दीपक मिश्रा, रुड़की
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‘घर के पास 14 मिसाइलें गिरीं, मैं बच्चों संग भाग रहा हूं’; मिडिल ईस्ट पर हमलों का उत्तराखंड तक असर

"भाई, यहां आसमान से आग बरस रही है। चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल है। मेरे घर के बिल्कुल पास 14 मिसाइलें गिरी... कुछ समझ नहीं आ रहा, बच्चों को लेकर कहां जाऊं, क्योंकि यहां हर पल नए हमले का डर सता रहा है। रुड़की से घरवालों का भी फोन आया था, उन्हें मैंने यहां की हकीकत बताई ही नहीं…" बहरीन से कुछ इन्हीं शब्दों में मुस्तजाब ने अपना डर रुड़की में रह रहे दोस्त से बयां किया है।

अमेरिका-इजरायल के हमले और ईरानी सेना की जवाबी कार्रवाई के बीच मिडिल ईस्ट के कई हिस्सों में हालात अस्थिर बने हुए हैं। इस संकट का असर उत्तराखंड तक महसूस किया जा रहा है। ईरान ने इजरायल के अलावा कुवैत, कतर, बहरीन, दुबई और सऊदी अरब में अमेरिकी बेस को निशाना बनाया। इजरायल के तेल अवीव और हाइफा में धमाकों की आवाज सुनी गई। बहरीन ने कहा कि अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को निशाना बनाया गया। डीजीसीए ने भी भारतीय विमान सेवा कंपनियों को दो मार्च तक 11 देशों में उड़ान भरने से बचने की सलाह दी है।

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उत्तराखंड के कई युवा मिडिल ईस्ट में रह रहे

उत्तराखंड के कई शहरों से युवा पढ़ाई,जबकि तमाम लोग काम के सिलसिले में मिडिल ईस्ट के विभिन्न देशों में हैं। अब अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध से बनी तनावपूर्ण स्थिति ने उक्त सभी के परिवारों के माथों पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। परिजन अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए दुआ कर रहे हैं। साथ ही लगातार उनसे संपर्क साधने के प्रयासों में जुटे हैं। इनमें से कई के बीच बात हो चुकी है और जिन परिवारों को अपनों की सूचना नहीं मिल रही है, वो हलकान हैं।

रुड़की का मुस्तजाब 22 साल से बहरीन में

मुस्तजाब पिछले 22 साल से बहरीन में रह रहे हं। उनकी पत्नी और दो बच्चे उनके साथ रहते हैं। शनिवार शाम साढ़े 4 बजे मुस्तजाब ने रुड़की के अपने दोस्त को फोन किया। उसने बताया कि शनिवार सुबह 11.40 (भारतीय समयानुसार दोपहर 2.30 बजे) अचानक आसमान से मौत बरसने लगी। खबरों में पता चला है कि अमेरिका-ईरान में युद्ध छिड़ गया है। इसके बाद ईरान ने बहरीन स्तित अमेरिकी एयरबेस और एंबेसी को निशाना बनाते हुए मिसाइल से ताबड़तोड़ हमला किया।

एक साथ 14 मिसाइलें गिरीं

मुस्तजाब ने बताया कि उनके घर से कुछ ही मीटर दूर एक साथ 14 मिसाइलें गिरीं। धमाकों के बाद पूरे इलाके में धुएं का गुबार है। मुस्तजाब ने बताया कि यहां बेहद डरावना माहौल है। मैं भी कुछ कपड़े और जरूरी सामान लेकर पत्नी-बच्चों के साथ सुरक्षित इलाके की ओर जा रहा हूं। मुस्तजाब ने बताया कि हमले के बाद बहरीन के रिहायशी इलाके में भगदड़ जैसा माहौल है। लोग घरों को छोड़कर दूसरे शहरों की ओर भाग रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि शहर से बाहर निकलने वाले रास्तों पर गाड़ियों का लंबा जाम लग गया है। पेट्रोल पंपों पर भी लंबी कतारें लगी हैं।

अबू धाबी में घर से बाहर निकलने की मनाही

शनिवार दोपहर ज्वालापुर के मोहल्ला मेहतान निवासी दानिश को वीडियो कॉल पर उनके साले मोहम्मद ओसामा ने तनावपूर्ण माहौल के बीच दास्तान बयां की। ओसामा ने कहा कि जीजाजी, घबराना मत…, हम कमरे में ही हैं…, बाहर निकलने की मनाही है। वे अबू धाबी के अल नसर इलाके में रह रहे हैं। यहां शनिवार को तेज धमाका हुआ था। ओसामा ने दानिश को बताया कि उनके कमरे से करीब एक किलोमीटर दूर धमाका हुआ। सभी लोग डरे हुए हैं।

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