उत्तराखंड में अतिक्रमण फिर चला 'पीला पंजा', प्रशासन ने ध्वस्त की एक अवैध मस्जिद और दो मजारें
अधिकारियों ने बताया कि शनिवार सुबह भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जिला प्रशासन के सहयोग से तीनों अवैध धार्मिक संरचनाओं को हटा दिया गया और सिंचाई विभाग ने भूमि पर कब्जा वापस ले लिया।

उत्तराखंड में सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार जोर-शोर से जारी है। इसी क्रम में शनिवार को ऊधमसिंह नगर जिले के गूलरभोज दिनेशपुर क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई एक मस्जिद समेत कुल तीन धार्मिक संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र में सिंचाईं विभाग की भूमि पर कब्जा करके अवैध रूप से एक मस्जिद और दो मजारें बनाई गई थीं।
उन्होंने बताया कि तीन माह पहले प्रशासन ने सर्वेक्षण करने के बाद इन संरचनाओं को बनाने वाले लोगों को भूमि के स्वामित्व और निर्माण संबंधी दस्तावेज दिखाने के लिए नोटिस जारी किए थे। अधिकारियों ने बताया कि कब्जेदार न तो भूमि स्वामित्व संबंधी दस्तावेज पेश कर पाए और न ही संरचनाओं के निर्माण के लिए ली गई प्रशासनिक अनुमति के कागज दिखा पाए।
तीन धार्मिक संरचनाओं को गिराया गया
अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद शनिवार सुबह भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जिला प्रशासन के सहयोग से तीनों धार्मिक संरचनाओं को हटा दिया गया और सिंचाई विभाग ने भूमि पर कब्जा वापस ले लिया।
अवैध कब्जा करके रहने वालों को भी दिया नोटिस
सिंचाई विभाग ने गूलरभोज दिनेशपुर में ही ठंडा नाला वाले क्षेत्र में उसकी जमीन पर से अवैध कब्जा करके रहने वाले लोगों को भी नोटिस दिया था। अवैध कब्जेदारों ने इसके बाद उत्तराखंड उच्च न्यायालय का रुख किया जहां उन्हें कोई राहत नहीं मिली। हालांकि, फिलहाल उच्चतम न्यायालय ने नोटिस पर रोक लगा दी है।
रहने वालों को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत
अधिकारियों ने बताया कि धार्मिक संरचनाओं के संबंध में अदालत से कोई स्थगन आदेश नहीं मिला था, जिसके बाद उनके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
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