बीएस-6 वाहनों को ही दिल्ली में एंट्री से उत्तराखंड की मुश्किल बढ़ी, 180 बसों पर पाबंदी
दिल्ली में वायु प्रदूषण के कारण सरकार ने सिर्फ बीएस-6 वाहनों को ही दिल्ली में प्रवेश की इजाजत दी है। इस फैसले से उत्तराखंड की मुश्किल बढ़ेंगी। 180 रोडवेस बसों पर पाबंदी।
बढ़ते प्रदूषण के बीच दिल्ली सरकार ने फैसला किया है कि बीएस-6 से कम मानक वाले वाहनों को गुरुवार से राजधानी दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस बंदिश के कारण उत्तराखंड रोडवेज की बीएस-4 मानक वाली 180 बसें दिल्ली नहीं जा पाएंगी। इसके अलावा दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र के बिना वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली के बाहर पंजीकृत और बीएस-6 से कम श्रेणी के वाहनों को ग्रेप 3 तथा और ग्रेप 4 लागू होने पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंत्री ने दावा किया कि इस वर्ष वायु गुणवत्ता पिछले साल की तुलना में करीब आठ महीने बेहतर रही। उन्होंने माना कि हाल में प्रदूषण का स्तर बढ़ा है, लेकिन दावा किया कि स्थिति गत वर्ष से बेहतर है।
दिल्ली से 131 उड़ानें रद्द: मौसम में बदलाव और दृश्यता में गिरावट के चलते दिल्ली से मंगलवार को 131 उड़ानें रद्द रहीं। वहीं, कई ट्रेन देरी से चलीं।
प्रदूषण नहीं रोक पाने के लिए मंत्री ने माफी मांगी
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रदूषण संकट को लेकर माफी मांगी। उन्होंने कहा, कोई भी सरकार नौ से दस माह में प्रदूषण को पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सकती। साथ ही कहा, बढ़ता प्रदूषण बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है, लेकिन सरकार इसे नियंत्रित करने के लिए उपाय कर रही है।
उत्तराखंड रोडवेज का प्राइम रूट दिल्ली
रोडवेज का दिल्ली प्राइम रूट है। 50 फीसदी से ज्यादा बसें रोडवेज की इसी रूट पर चलती हैं, इनकम भी सबसे ज्यादा इसी रूट से होती है। दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में 18 दिसंबर से दिल्ली में बीएस-4 से कम मानक वाली बसों की एंट्री पर रोक आदेश हो गए हैं। इसका सीधा असर उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं के विभिन्न स्टेशनों से दिल्ली जाने वाली बसों पर पड़ेगा। बीएस-4 मानक वाली 180 बसें दिल्ली नहीं जा पाएंगी। इसमें 150 से ज्यादा साधारण बसें हैं, बाकी वॉल्वो हैं।
वॉल्वो बसों का बढ़ेगा संकट
रोडवेज के पास 38 वॉल्वो बसें हैं। इसमें सिर्फ 12 वॉल्वो बीएस-6 हैं, बाकी बीएस-4 हैं। सबसे ज्यादा वॉल्वो दून से चलती हैं, बाकी ऋषिकेश, हरिद्वार और हल्द्वानी से चलती हैं। बीएस-4 की एंट्री बंद होने से दिल्ली रूट पर वॉल्वो का संकट बढ़ सकता है।
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