दिल्ली प्रदूषण पर CM रेखा गुप्ता सख्त, लापरवाही पर चालान के साथ होगी FIR की कार्रवाई
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक में सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं, जिसके तहत प्रदूषण फैलाने वालों पर अब चालान के साथ-साथ एफआईआर की कार्रवाई होगी।

दिल्ली में प्रदूषण को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को उच्चस्तरीय बैठक की। इसमें उन्होंने प्रदूषण को लेकर सख्ती बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह प्रदूषण फैलाने वालों पर चालान के साथ एफआईआर की कार्रवाई करें।
केवल निजी नहीं बल्कि सरकारी संस्थानों द्वारा लापरवाही बरतने पर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने पीडब्ल्यूडी को भी 1400 किलोमीटर लंबी उनकी सड़कों को 72 घंटे के भीतर गड्ढे मुक्त बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी के प्रदूषण नियंत्रण को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी (डीपीसीसी) को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदूषण और सफाई में कोताही बरतने वाले सरकारी संस्थानों का चालान काटकर भारी जुर्माना वसूला जाए। इसके साथ ही बिना अनुमति रोड काटने और उसे न भरने वाले सरकारी संस्थानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि “311 ग्रीन ऐप” को एक नोडल प्लेटफॉर्म के रूप में और अधिक सशक्त किया जा रहा है। ग्रीन वॉर रूम के माध्यम से गड्ढों, ब्राउन एरिया और डस्ट हॉटस्पॉट्स की मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं बीएस-IV से नीचे के वाहनों पर कार्रवाई होगी।
बैठक में जताई नाराजगी
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ विभाग प्रदूषण को लेकर जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही बरत रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की कोताही के लिए विभाग के प्रमुख को जिम्मेदार माना जाएगा।
तस्वीर करें अपलोड
मुख्यमंत्री ने पीडब्ल्यूडी को आदेश दिया है कि अपने अधीन आने वाली 1400 किलोमीटर सड़कों के सभी गड्ढों की पहचान कर उन्हें रिकॉर्ड समय में ठीक करें। डीडीए को आदेश जारी किए कि वह अपनी सड़कों पर सफाई व्यवस्था चाक-चौबंद रखे और अपनी खाली पड़ी जमीनों से कूड़े को तुरंत हटाए। मेट्रो को कहा कि वह अपनी एलिवेटिड लाइनों के नीचे की सड़कों को तुरंत प्रभाव से ठीक करें और धूल नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय करें।
कमेटी का गठन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक एक्सपर्ट व उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी लगातार प्रदूषण को नियंत्रण में लाने के लिए कार्य करेगी। इस कमेटी में सरकार के संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा आईआईटी व पर्यावरण से जुड़े विशेषज्ञ को शामिल किया जा रहा है।
2200 उद्यमों की होगी सीधी निगरानी
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिल्ली-एनसीआर के 22 सौ से ज्यादा उद्यमों पर सीधी निगरानी की कवायद शुरू की है। इनमें से ज्यादातर उद्यम, खाद्य, टेक्सटाइल या फिर फर्नेस वाले हैं। यहां पर जलने किसी न किसी तौर पर दहन भट्टी का प्रयोग किया जाता है। जिससे होने वाला उत्सर्जन वायु को प्रदूषित करता है।
सीपीसीबी ने दिल्ली-एनसीआर के सभी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और समितियों को निर्देश दिया है कि इन उद्यमों में वास्तविक समय में प्रदूषण की निगरानी करने वाले सेंसर को लगाया जाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।




साइन इन