मोहम्मद दीपक का छलका दर्द; भाजपा-बजरंग दल पर उत्पीड़न का आरोप, नौकरी तलाश रहे
कोटद्वार में मोहम्मद दीपक नाम से मशहूर दीपक कुमार का आरोप है कि भाजपा और बजरंग दल के दबाव में उन्हें अपना जिम बंद करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वे अब शहर छोड़कर नौकरी की तलाश करेंगे।

Mohammad Deepak Breaks Down: मोहम्मद दीपक नाम से मशहूर हुए दीपक कुमार की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है। खबर है कि उन्हें अपना जिम खाली कर कोटद्वार छोड़ना पड़ सकता है। बता दें कि मुस्लिम दुकानदार के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने दीपक कुमार देशभर में सुर्खियों पर आ गए थे। बजरंग दल पीड़ित मुस्लिम के दुकान के नाम बाबा पर आपत्ति जता रहा था। दीपक कुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा और बजरंग दल से जुड़े लोग उनके जिम में आने वाले युवाओं को आने से रोक रहे हैं। वे अब शहर छोड़कर नौकरी तलाशेंगे।
42 वर्षीय दीपक कुमार का कोटद्वार में ‘हल्क’ नाम से जिम है। उनका कहना है कि चार महीने का किराया न चुका पाने पर मकान मालिक ने उन्हें अल्टीमेटम दे दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उन्हें बाहर निकालने के लिए “बाहरी लोगों ने मकान मालिक पर दबाव डाला या नहीं।” दीपक ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि बजरंग दल के डर और अन्य दबाव के कारण उनके जिम में लोगों का आना बहुत कम हो गया है। अब वह जिम के उपकरण बेचकर शहर छोड़ किसी नौकरी की तलाश करने के बारे में सोच रहे हैं।
हालांकि दीपक के जिम के मकान मालिक रवि कुमार मनराल कहते हैं कि उन्होंने खाली करने को नहीं कहा है। उन्होंने दीपक से किराये को लेकर स्थिति स्प्ष्ट करने का कहा है।
मोहम्मद दीपक जब बजरंग से अकेले भिड़े
बीते 26 जनवरी को दीपक कुमार और बजरंग दल कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई थी। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। जानकारी के अनुसार, कोटद्वार में पटेल मार्ग स्थित 70 वर्षीय दुकानदार वकील अहमद की ‘बाबा’ नाम से कपड़ों की दुकान थी। बजरंग दल इस दुकान का नाम बदलने की मांग कर रहे थे। हिंदू संगठनों का तर्क था कि कोटद्वार में सिर्फ एक ही बाबा हैं- सिद्धबलि। सिद्धबलि कोटद्वार में प्रसिद्ध हनुमान मंदिर है। हिंदू संगठनों ने दुकानदार पर नाम बदलने का काफी दबाव बनाया।
इस बीच दुकानदार के समर्थन में दीपक आ गए और अकेले ही हिंदू संगठनों से भिड़ गए। जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उनसे उनकी पहचान पूछी तो दीपक ने जवाब में कहा कि उनका नाम ‘मोहम्मद दीपक’ है। वायरल वीडियो में उन्होंने कहा था, “मैं न हिंदू हूं, न मुसलमान, न सिख और न ईसाई। सबसे पहले मैं इंसान हूं।”
दुकान के नाम को लेकर कई दिन चला हाईवोल्टेज ड्रामा
31 जनवरी को कपड़ों की दुकान और दीपक के जिम के बाहर बड़ी भीड़ जमा हो गई थी। लोगों ने सड़क जाम कर नारेबाजी की थी। पुलिस ने इन घटनाओं के संबंध में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थीं। दीपक ने बताया कि फिलहाल उनके जिम में 60 से 65 सदस्य हैं और इतनी संख्या से संचालन का खर्च नहीं निकल पा रहा है। उन्होंने कहा, “जिम परिसर का मासिक किराया 40 हजार रुपये है।”
भाजपा और बजरंग दल पर परेशान करने का आरोप
दीपक ने आरोप लगाया कि भाजपा और बजरंग दल के लोग उनके जिम के ग्राहकों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, “ये लोग उन जिम सदस्यों के घर जाते हैं जिनके माता-पिता भाजपा से जुड़े हैं और उन्हें जिम आने से रोकते हैं।” उन्होंने कहा, “इस साजिश ने मेरे व्यवसाय को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।” उधर, मामले में कोटद्वार के इंस्पेक्टर प्रदीप नेगी ने कहा कि पुलिस को अब तक इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है।
हाई कोर्ट तक पहुंचे दीपक
मार्च में दीपक कुमार ने उत्तराखंड हाईकोर्ट का भी रुख किया था। हालांकि अदालत ने दीपक कुमार की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। एफआईआर में उन पर उपद्रवियों पर हमला करने का आरोप लगाया गया था। जस्टिस राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने दीपक को मामले के विचाराधीन होने तक सोशल मीडिया पर घटना से जुड़ी पोस्ट न करने का निर्देश भी दिया था।
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