केदारनाथ में भक्तों से मारपीट के आरोप, वायरल हो रहे वीडियो पर जांच के आदेश
केदारनाथ धाम में भक्तों से मारपीट और धक्का-मुक्की से आरोप लग रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर पुलिस-प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।

चारधाम यात्रा इस वक्त जोरों पर है। बड़ी संख्या में लोग दर्शनों के लिए उत्तराखंड आ रहे हैं। केदारनाथ धाम में सबसे अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस बीच केदारनाथ से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। धाम में पुलिसकर्मियों द्वारा श्रद्धालुओं से कथित तौर पर मारपीट की जा रही है। इस घटना को लेकर पुलिस-प्रशासन ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही उस पुलिसकर्मी को ड्यूटी पॉइंट से हटा दिया गया है।
रुद्रप्रयाग जिले की पुलिस सोशल मीडिया सेल के अनुसार, वायरल वीडियो में सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मी भीड़ को पीछे हटाते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया गया कि कुछ श्रद्धालु निकासी गेट के रास्ते मंदिर के अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें कई बार समझाया, लेकिन कुछ लोग नहीं माने और उसी रास्ते से आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे।
पुलिस और श्रद्धालुओं में धक्का-मुक्की
इस वजह से बाहर निकल रहे श्रद्धालुओं का रास्ता बाधित होने लगा। निकासी गेट के दोनों तरफ भीड़ बढ़ने से अव्यवस्था और हादसे की आशंका बन गई थी। स्थिति को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा के मद्देनजर लोगों को पीछे हटाया और वहां से हटाया। हालांकि, पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। यह जांच पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) गुप्तकाशी को सौंपी गई है। साथ ही वीडियो में दिखाई दे रहे पुलिसकर्मी को फिलहाल उस ड्यूटी प्वाइंट से हटा दिया गया है।
चारधाम में इस बार रिकॉर्डतोड़ श्रद्धालु
चारधाम यात्रा में इस बार रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यात्रा शुरू होने के 44 दिनों के भीतर ही 29.85 लाख से ज्यादा श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में तीन लाख से अधिक है। पिछले वर्ष इसी अवधि में करीब 26.34 लाख श्रद्धालु यात्रा पर आए थे।
सुरक्षित यात्रा के लिए एसओपी जल्द
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को दर्शन व्यवस्था को और बेहतर और व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए। इसके लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा का मूल मंत्र "सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद" होना चाहिए। बेहतर समन्वय और सुव्यवस्थित प्रबंधन से यात्रा को और सुरक्षित और सफल बनाया जा सकता है।
रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक प्रतिबंध
उन्होंने अधिकारियों को बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में श्रद्धालुओं की संख्या के अनुसार व्यवस्थाएं मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। धामी ने चारधाम यात्रा मार्गों पर रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक वाहनों के आवागमन पर लगे प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराने के निर्देश भी दिए। उनका कहना है कि इससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन