I Am Also an Indian 24 year old tripura student last word before racist attack in dehradun मैं भी भारतीय हूं, नस्लभेदी हमले में मारे गए त्रिपुरा के छात्र के आखिरी शब्द, चाइनीज कहकर गोदा, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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मैं भी भारतीय हूं, नस्लभेदी हमले में मारे गए त्रिपुरा के छात्र के आखिरी शब्द, चाइनीज कहकर गोदा

देहरादून में नस्लीय हिंसा में त्रिपुरा के एक छात्र को कुछ लोगों ने चाकू से गोद दिया। पहले आरोपी उसे चाइनीज कहकर चिढ़ा रहे थे, उसने जवाब में कहा था- मैं भी भारतीय हूं।

Sun, 28 Dec 2025 10:43 AMGaurav Kala लाइव हिन्दुस्तान, देहरादून
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मैं भी भारतीय हूं, नस्लभेदी हमले में मारे गए त्रिपुरा के छात्र के आखिरी शब्द, चाइनीज कहकर गोदा

Dehradun Racist Attack: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में नस्लीय गालियों का विरोध करना एक होनहार छात्र के लिए जानलेवा साबित हुआ। त्रिपुरा के 24 वर्षीय एमबीए छात्र एंजेल चकमा ने 14 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद अस्पताल में दम तोड़ दिया। 9 दिसंबर की शाम देहरादून सेलाकुई इलाके में छात्र के साथ वारदात हुई थी। इस घटना ने पूरे पूर्वोत्तर में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है।

घटना वाले दिन एंजेल अपने छोटे भाई माइकल चकमा के साथ स्थानीय बाजार में खरीदारी के लिए गए थे। तभी कुछ युवकों ने दोनों को नस्लीय गालियां दीं और ‘चीनी’ कहकर अपमानित किया। एंजेल ने शांत शब्दों में जवाब दिया, “हम चीनी नहीं हैं, हम भारतीय हैं। अपनी भारतीयता साबित करने के लिए हमें कौन सा सर्टिफिकेट दिखाना चाहिए?” बस यही बात आरोपियों को नागवार गुजरी। कुछ ही मिनटों में बहस हिंसा में बदल गई और आरोपियों ने उसे चाकू से गोद दिया।

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हमले में एंजेल को गंभीर चोट आई थी

हमले में एंजेल के गर्दन और रीढ़ में गंभीर चोटें आईं। माइकल भी गंभीर रूप से घायल हुआ। एंजेल 14 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहा लेकिन होश में नहीं आ सका। शनिवार को उनका पार्थिव शरीर अगरतला लाया गया, जहां शोक और गुस्से का माहौल है।

नस्लभेदी हमला

मुख्य आरोपी फरार, नेपाल भागने की आशंका

पुलिस ने इस मामले में कुल 6 आरोपियों की पहचान की है। इनमें से 5 को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। मुख्य आरोपी यज्ञ आवस्थी अब भी फरार है। पुलिस को आशंका है कि वह नेपाल भाग गया है। उसकी गिरफ्तारी पर 25,000 का इनाम घोषित किया गया है और दो पुलिस टीमें उसकी तलाश में लगी हैं। एंजेल की मौत के बाद पुलिस ने केस में धाराएं और सख्त कर दी हैं। अब मामला BNS की धारा 103(1) (हत्या) और 3(5) (सामूहिक आपराधिक मंशा) के तहत दर्ज किया गया है। इससे पहले हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश की धाराएं जोड़ी गई थीं।

पूर्वोत्तर में उबाल, राष्ट्रीय एंटी-रेसिज़्म कानून की मांग

एंजेल की मौत के बाद त्रिपुरा और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में छात्र संगठनों के प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। मांग है कि नस्लीय घृणा अपराधों के खिलाफ एक राष्ट्रीय कानून बनाया जाए। टिपरा मोथा पार्टी के प्रमुख प्रद्युत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा ने कहा, “पूर्वोत्तर के लोग देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, फिर भी उन्हें ‘चीनी’ कहकर अपमानित किया जाता है। यह सिर्फ एक परिवार का नुकसान नहीं, यह देश की एकता पर चोट है।”

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