काम की तलाश में दूसरे देश पहुंचा भारतीय युवक, नस्लभेदी हमले में बुरी तरह घायल
आयरलैंड में भारतीय युवक पर नस्लभेदी हमले को लेकर भारतीय राजदूत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। आयरिश पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और इसे हेट क्राइम के तौर पर देखा जा रहा है।

आयरलैंड की राजधानी डबलिन के टालाट इलाके में भारतीय नागरिक पर नस्लभेदी हमला हुआ है। बताया जा रहा है कि वह तीन हफ्ते पहले ही काम की तलाश में पहुंचा था। हमलावरों के एक समूह द्वारा उसे बेरहमी से पीटा गया और आंशिक रूप से कपड़े भी फाड़ दिए गए। उसकी तस्वीरों में चेहरे, हाथों और पैरों पर गंभीर चोटें और भारी रक्तस्राव साफ दिखाई दे रहा है। इस घटना को लेकर भारतीय राजदूत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
यह हमला शनिवार शाम करीब 6 बजे पार्कहिल रोड, टालाट पर हुआ। पीड़ित को तत्काल टालाट यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। आयरिश पुलिस (गार्डाई) ने मामले की जांच शुरू कर दी है और इसे हेट क्राइम के तौर पर देखा जा रहा है।
भारतीय राजदूत की तीखी प्रतिक्रिया
आयरलैंड में भारत के राजदूत अखिलेश मिश्रा ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “एक 'कथित' हमले से इतनी भयानक चोटें और खून कैसे बह सकता है?” उन्होंने आयरिश जनता और गार्डाई का समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की मांग की।
राजनेताओं की टिप्पणी
फाइन गाएल पार्टी के काउंसलर बेबी पेरेप्पाडन ने पीड़ित से मुलाकात की और बताया कि वह “गहरे सदमे” में हैं और अभी किसी से मिलने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पीड़ित केवल तीन हफ्ते पहले ही आयरलैंड आया था।
पेरेप्पाडन ने कहा कि टालाट क्षेत्र में ऐसे हमले बार-बार हो रहे हैं और गार्डा बल की तैनाती बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “लोगों को समझना चाहिए कि भारतीय लोग यहां वर्क परमिट पर, स्वास्थ्य सेवा या आईटी जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने आते हैं।”
सिन फेन पार्टी के सांसद सीन क्रो ने इस हमले को “हिंसक और नस्लीय” बताते हुए कहा, “यह बर्बर और हर स्तर पर अस्वीकार्य है। इससे कोई समुदाय सुरक्षित नहीं होता, बल्कि और डर फैलता है।” पीपल बिफोर प्रॉफिट पार्टी के सांसद पॉल मर्फी ने कहा कि “जिम्मेदारी केवल हमलावरों की नहीं, बल्कि उन लोगों की भी है जो झूठे और नस्लीय अफवाहें फैलाते हैं।”
झूठे आरोप और हेट क्राइम की आशंका
आयरिश टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित पर हमलावरों ने कथित रूप से बच्चों के आसपास "अनुचित व्यवहार" का झूठा आरोप लगाया था। हालांकि, गार्डाई ने इस आरोप को "बिल्कुल निराधार" बताया है।
आयरलैंड के न्याय मंत्री जिम ओ'कैलाघन ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में एक नकारात्मक प्रवृत्ति उभर रही है, जिसमें विदेशी नागरिकों को झूठे आरोपों में फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपराधों को लेकर प्रवासियों पर लगाए जा रहे आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
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