वे धाकड़ धामी हैं... अब उन्हें 'धुरंधर धामी' कहा जाना चाहिएः राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना की। रक्षा मंत्री ने उत्तराखंड सरकार के 4 साल पूरा होने पर गर्व और विश्वास व्यक्त किया और राज्य के विकास का श्रेय धामी को दिया। उन्होंने धामी को 'धुरंधर धामी' भी बताया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना की। रक्षा मंत्री ने उत्तराखंड सरकार पर गर्व और विश्वास व्यक्त किया और राज्य के विकास का श्रेय धामी को दिया। उन्होंने धामी को 'धुरंधर धामी' बताया।
उत्तराखंड सरकार के चार साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक जनसभा में रक्षा मंत्री ने कहा कि पुष्कर धामी के चार साल के कार्यकाल के समापन के उपलक्ष्य में यह सभा आयोजित की गई है। चुनाव के दौरान मैंने उनसे कहा था कि उनके नेतृत्व में भाजपा की जीत होगी और भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया। रक्षा मंत्री ने बताया कि मैंने एक सभा में कहा था कि हमारे धामी साधारण नहीं हैं, वे धाकड़ धामी हैं। लेकिन, अब उन्हें 'धुरंधर धामी' कहा जाना चाहिए।
मेरे यूपी के सीएम रहते हुए ही उत्तराखंड का गठन हुआ
रक्षा मंत्री वे कहा कि उत्तराखंड ने देश में कई क्षेत्रों में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को भी याद किया, जिसके दौरान उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ था। रक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भूमि देवभूमि है।
उन्होंने कहा कि मैंने 10-12 दिनों के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में भी कार्य किया है। मेरे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए ही उत्तराखंड का गठन हुआ था। उत्तराखंड आस्था, आध्यात्मिकता, संस्कृति और संतों की भूमि है। इसे तपस्या के स्थान के रूप में पूजा जाता है।
पूरी दुनिया संकट के दौर से गुजर रही है
इसके अलावा, रक्षा मंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर भी विचार व्यक्त किया। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का लक्ष्य इसे संवाद और कूटनीति के माध्यम से हल करना है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया संकट के दौर से गुजर रही है। यह न केवल भारत के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज भी हमारे प्रधानमंत्री ने कहा है कि युद्ध का समाधान युद्ध से नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीति से निकलेगा। इस वैश्विक समस्या का समाधान बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से ही निकाला जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने अब तक भारत को बचा लिया है
उन्होंने संभावित ऊर्जा या खाद संकट से निपटने में प्रधानमंत्री के प्रयासों की सराहना की। सिंह ने कहा कि मौजूदा वैश्विक संकट को देखते हुए संभव था कि अन्य देशों की तरह हमें भी ऊर्जा या खाद संकट का सामना करना पड़ता। हालांकि, अपने दूरदर्शी और प्रभावशाली व्यक्तित्व के बल पर हमारे प्रधानमंत्री ने अब तक भारत को इस संकट में फंसने से बचा लिया है।
उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने अपने प्रभावशाली व्यक्तित्व से विश्व में भारत का नाम रोशन किया है। आज जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बोलता है तो दुनिया उसे ध्यान से सुनती है।
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