हरिद्वार में 3 साल की बच्ची का अपहरण, CCTV में आरोपियों की पहचान; अबतक क्या पता लगा
हरिद्वार में तीन साल की बच्ची का अपहरण हुआ है। पांच महीने में किडनैपिंग की यह तीसरी घटना है। पुलिस ने सीसीटीवी से आरोपियों की पहचान की है।

हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र के बैरागी कैंप से तीन वर्षीय बालिका के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बच्ची की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी हैं। जानकारी मिली है कि बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। किडनैपर्स ने बिस्किट का लालच देकर उसे गोद में उठाया और टैंपो में डालकर ले गए। सीसीटीवी में किडनैपर्स की पहचान हुई है।
पुलिस के अनुसार ठोकर नंबर-10 बैरागी कैंप निवासी विनोद सोलंकी और उनकी पत्नी मजदूरी करते हैं। शनिवार को उनकी एकलौती तीन साल की बेटी राधिका सुबह करीब 10:30 बजे घर के पास से लापता हो गई। परिजनों द्वारा तलाश किए जाने के बावजूद बच्ची का कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। जांच के दौरान आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें एक महिला और एक पुरुष बच्ची को गोद में लेकर ले जाते हुए दिखाई दिए। बाद में दोनों संदिग्ध एक टेंपो में बैठकर वहां से जाते नजर आए।
बच्ची को खोजने टीम गठित
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना कनखल में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही संभावित स्थानों पर पुलिस टीमों को रवाना किया गया है। हरिद्वार पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को बच्ची या फुटेज में दिखाई दे रहे महिला और पुरुष के संबंध में कोई जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। हरिद्वार पुलिस ने बच्ची की सकुशल बरामदगी के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने का अनुरोध किया है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर का कहना है कि मामले के खुलासे के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
बिस्किट का लालच देकर बच्ची को अगवा किया
कनखल के बैरागी कैंप से लापता हुई तीन वर्षीय राधिका के अचानक लापता हो जाने से बस्ती में सन्नाटा छाया हुआ है। झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की एकलौती मासूम बच्ची के अचानक गायब होने से परिजनों पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बच्ची की मां और पिता का रो रोकर बुरा हाल है और सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद दोनों हर आने जाने वाले से अपनी बेटी को खोजने की गुहार लगा रहे हैं।
अबतक क्या पता लगा
पुलिस जांच में सामने आया है कि सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे महिला और पुरुष ने बच्ची को खाने पीने की चीजों का लालच दिया था। घर के बाहर खेल रही मासूम राधिका उनके झांसे में आ गई और उनके पीछे-पीछे चल पड़ी। बताया जा रहा है कि दोनों संदिग्धों ने बस्ती से कुछ दूरी पर स्थित एक दुकान से बच्ची को बिस्किट का पैकेट भी खरीदकर दिया था। खाने का सामान मिलने के कारण बच्ची न तो रोई और न ही किसी प्रकार का विरोध किया।
लोगों का कहना है कि राधिका अक्सर घर के आसपास ही खेलती रहती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी कर किसी तरह घर का खर्च चलाते हैं। बेटी के गायब होने के बाद से परिवार के घर में चूल्हा तक नहीं जला है। उधर, पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध महिला और पुरुष की पहचान में जुटी है।एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर का दावा है कि महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं और जल्द ही बच्ची को सकुशल बरामद कर लेंगे।
शहर में पांच महीने में बच्चे चोरी की तीसरी घटना
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में मासूम बच्चों के चोरी होने की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले फरवरी 2026 में तुलसी चौक क्षेत्र से दो वर्षीय बच्ची का अपहरण कर लिया गया था। बच्ची अपनी मां के साथ फुटपाथ पर सो रही थी। पुलिस की त्वरित नाकाबंदी और सीसीटीवी निगरानी के चलते आरोपी घबरा गया और बच्ची को ऋषिकुल चौक बस स्टॉप के पास छोड़कर फरार हो गया था। दूसरा मामला मई के अंतिम सप्ताह का है, जब विष्णुघाट से पांच माह की बच्ची गौरी के लापता हो गई थी। संभल जिले के ग्राम खानपुर सराय निवासी पुष्पेंद्र अपने परिवार के साथ हरिद्वार घूमने आया था। परिवार बेटी गौरी के साथ विष्णुघाट पर रुका हुआ था। सुबह परिजनों की आंख खुली तो गौरी वहां से गायब थी। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लग पाया। वहीं शनिवार को बैरागी कैंप से तीन वर्षीय बच्ची राधिका के चोरी होने की घटना सामने आयी है।
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