चारधाम यात्रा से पहले सरकार की मुश्किलें, बदरी-केदार में एटीसी के लिए नहीं मिल रही जमीन
सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए सरकार को झटका लगा है। 19 अप्रैल से कपाट खुलने जा रहे हैं और अभी तक बदरी-केदार में स्थायी एटीसी के लिए जमीन नहीं मिल पाई है।

आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को जमीन की कमी के कारण थोड़ा धक्का लगा है। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम जैसे उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थायी एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) प्रणाली स्थापित करने के लिए अभी तक उपयुक्त भूमि का चयन नहीं हो पाया है। पिछले साल दो हेली हादसों में 13 लोगों की मौत हो चुकी है।
ऐसे में शासन ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल प्री-फेब स्ट्रक्चर के माध्यम से अस्थायी एटीसी व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया है। पिछले वर्ष केदारनाथ और उत्तरकाशी में हुए दो भीषण हेलीकॉप्टर हादसों में 13 लोगों की जान चली गई थी। इन घटनाओं के बाद ही शासन ने संवेदनशील उड़ान क्षेत्रों में एटीसी प्रणाली अनिवार्य करने की कवायद शुरू की थी। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम पल-पल बदलता है।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ आशीष चौहान का कहना है कि दोनों धामों में अस्थायी तौर पर एटीसी प्रणाली शुरू कर दी जाएगी। भूमि मिलने और हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वहां स्थायी बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा।
यात्रा से पहले शुरू हो जाएंगे अस्थायी एटीसी
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले ही केदारनाथ और बदरीनाथ में अस्थायी एटीसी शुरू कर दिए जाएंगे। हेमकुंड साहिब और गंगोत्री जैसे क्षेत्रों में भी भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए विशेष सावधानी बरती जा रही है। बता दें कि उत्तराखंड में अभी 12 हेलीपोर्ट और 118 हेलीपैड हैं।
केदारनाथ हेली सेवा के लिए आज जारी होगा किराया
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने केदारनाथ हेली सेवा के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। मंगलवार को हेली सेवाओं का किराया जारी किया जा सकता है। इसके बाद टिकटों की बुकिंग शुरू की जाएगी। गुप्तकाशी, सिरसी, फाटा के नौ हेलिपैड से हेली सेवा का संचालन किया जाएगा। सीईओ यूकाडा डा. आशीष चौहान ने बताया कि हेली कंपनियों के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी है। शीघ्र कंपनियों को अलग-अलग हेलिपैड से हेली उड़ानों की जिम्मेदारी मिलेगी। टिकट की बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट के माध्यम से की जाएगी। कंपनियों को चयन, किराया निर्धारित के बाद ही बुकिंग स्लॉट की तिथि तय करेगा।
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