Uttarakhand Voter List Drop more than 4 lakh Lakh Names Removed 9 Lakh Mapping Incomplete Here Why उत्तराखंड में 4.53 लाख वोटर्स लिस्ट से बाहर, 9 लाख की मैपिंग अधूरी; क्या वजह?, Dehradun Hindi News - Hindustan
More

उत्तराखंड में 4.53 लाख वोटर्स लिस्ट से बाहर, 9 लाख की मैपिंग अधूरी; क्या वजह?

राज्य में 2003 के बाद से इतने बड़े स्तर पर विशेष गहन संशोधन (SIR) नहीं किया था। जिससे राज्य में ऐसे वोटर्स की संख्या लगातार बढ़ती चली गई जिनकी मृत्यु हो चुकी है या फिर जो कहीं चले गए थे मगर वोटर्स लिस्ट में उनका नाम शामिल था।

Sat, 16 May 2026 01:19 PMMohit लाइव हिन्दुस्तान, देहरादून
share
उत्तराखंड में 4.53 लाख वोटर्स लिस्ट से बाहर, 9 लाख की मैपिंग अधूरी; क्या वजह?

उत्तराखंड में 29 मई से वोटर्स लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। लेकिन इससे पहले ही वोटर्र लिस्ट में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राज्य में कुल वोटर्स की संख्या 4,53,459 कम हुई है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक राज्य में जनवरी 2025 तक कुल वोटर्स की संख्या 84,29,459 थी जो कि अब करीब 79,76,000 हो गई है। चुनाव अधिकारियों ने बताया है कि वोटर्स की संख्या में कमी अनुपस्थित, विस्थापन, मृतकों के नाम लिस्ट से हटाने के कारण आई है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:उत्तराखंड में SIR के नाम पर साइबर ठग ऐक्टिव, 8 जून से घर-घर होना है सर्वे

अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन क्या बोले?

अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने कहा, यह कमी एक वेरिफिकेशन की प्रक्रिया का परिणाम है। लिस्ट से नाम मृत्यु, विस्थापन और डुप्लीकेशन (एक से ज्यादा स्थान पर नाम) के वजह से हटाए गए हैं। इसी तरह की विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया अन्य राज्यों में की जा रही है। हम भी विश्वसनीयता और पारदर्शिता के लिए अपने रिकॉर्ड का व्यवस्थित कर रहे हैं।'

मालूम हो कि राज्य में 2003 के बाद से इतने बड़े स्तर पर विशेष गहन संशोधन (SIR) नहीं किया था। जिससे राज्य में ऐसे वोटर्स की संख्या लगातार बढ़ती चली गई जिनकी मृत्यु हो चुकी है या फिर जो कहीं चले गए थे मगर वोटर्स लिस्ट में उनका नाम शामिल था।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:उत्तराखंड में ‘नो व्हीकल डे’, चीफ जस्टिस से अधिवक्ता तक पैदल पहुंचे हाई कोर्ट

एडवांस डुप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के जरिए

2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान, राज्य में 84,31,101 वोटर्स दर्ज किए गए थे। हालांकि, ए़डवांस डुप्लीकेशन सॉफ्टवेयर की मदद से पूरे साल की गई गहन जांच के जरिए लिस्ट में वोटर्स की संख्या कम कर दी है।

9,76,000 वोटर्स की नो-मैपिंग

अब तक 70 लाख वोटर्स की सफलतापूर्वक मैपिंग की जा चुकी है। हालांकि, लगभग 9,76,000 वोटर्स के 2003 के एनरोलमेंट रिकॉर्ड का वेरिफिकेशन (मैपिंग) नहीं हो सका है। ऐसे वोटर्स को लेकर अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने जानकारी दी है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान इन वोटर्स को एक फॉर्म जारी किया जाएगा जिसमें उनके 2003 के मूल पंजीकरण के संबंध में जानकारी मांगी जाएगी। इसके बाद अगर दी गई जानकारी असंतोषजनक पाई जाती है या फिर कोई जवाब नहीं मिलता है तो वोटर्स लिस्ट से नाम हटाने से पहले औपचारिक नोटिस जारी किया जाएगा।'

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:117 मदरसों में बाहरी बच्चों को नहीं मिलेगा दाखिला, वक्फ बोर्ड ने सख्त किए नियम

नए वोटर्स लिस्ट में जोड़ सकत हैं अपना नाम

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान नए मतदाताओं को जोड़ने का काम भी जारी रहेगा। जिनके पास अभी तक वोटर कार्ड नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकते हैं।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।