गर्मी में छूटे पसीने तो पहाड़ों में भीड़ उमड़ी, 2 दिन में 45000 से ज्यादा गाड़ियां देहरादून में घुसी
Extreme Heat Impact: भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है। ऐसे में लोग पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। दो दिन के भीतर देहरादून में 45 हजार से अधिक गाड़ियां दाखिल हुई।

Extreme Heat Impact: भीषण गर्मी ने लोगों की हालत खराब दी है। दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान समेत कई राज्यों में पारा 50 के करीब पहुंच गया है। ऐसे में लोग गर्मी से बचने के लिए पहाड़ों का रुख करने लगे हैं। उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों की ओर पर्यटकों का भारी रुख देखने को मिल रहा है। सिर्फ दो दिनों में 45 हजार से अधिक वाहन देहरादून में दाखिल हुए हैं। जिससे मसूरी, चकराता और ऋषिकेश जाने वाले प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सिर्फ वीकेंड में करीब 13,500 बसें और टेंपो ट्रैवलर, 26 हजार कारें और लगभग 5,700 दोपहिया वाहन जिले में पहुंचे। इनमें बड़ी संख्या में वाहन मसूरी की ओर गए, जिससे पहाड़ी शहर में भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
मसूरी में सबसे ज्यादा दबाव
मसूरी सबसे ज्यादा प्रभावित पर्यटन स्थलों में शामिल रही। आंकड़ों के मुताबिक दो दिनों में करीब 2,870 कारें, 59 बसें और टेंपो ट्रैवलर तथा लगभग 1,700 दोपहिया वाहन मसूरी पहुंचे। देहरादून-मसूरी मार्ग, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और प्रेमनगर हाईवे पर घंटों तक ट्रैफिक रेंगता रहा।
ट्रैफिक कंट्रोल के लिए चार सुपर जोन
बढ़ते दबाव को देखते हुए पुलिस ने ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए प्रमुख मार्गों को चार सुपर जोन, 10 जोन और 19 सेक्टर में बांटा। वरिष्ठ अधिकारियों को हर जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई, जबकि स्थानीय पुलिस टीमें जमीनी स्तर पर ट्रैफिक नियंत्रित करती रहीं। मसूरी जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक किमाड़ी रूट का इस्तेमाल कराया गया और एंट्री-एग्जिट रूट अलग किए गए ताकि जाम की स्थिति न बने।
पुलिस की कई टीमों ने मोर्चा संभाला
यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस ने 12 मोबाइल टीमें तैनात कीं। ट्रैफिक पुलिस, स्थानीय थानों और अभियोजन इकाइयों के कर्मियों ने मिलकर भीड़ और वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की। गूगल मैप्स के जरिए लाइव डायवर्जन अपडेट जारी किए गए, जबकि नो-पार्किंग क्षेत्रों में खड़े वाहनों को क्रेन से हटाया गया। प्रमुख चौराहों पर बैरिकेडिंग और ट्रैफिक कोन भी लगाए गए।
‘नो व्हीकल डे’ की अपील बेअसर
ईंधन बचत और ‘नो व्हीकल डे’ जैसी अपीलों के बावजूद उत्तराखंड के हिल स्टेशनों की ओर पर्यटकों का उत्साह कम नहीं हुआ है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में लोग गर्मियों में मसूरी, ऋषिकेश और चकराता का रुख कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जैसी बेहतर सड़क कनेक्टिविटी ने भी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
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