हरिद्वार में दो बाघों को बेरहमी से मार सभी पैर काटकर ले गए, अब मां बाघिन भी लापता
हरिद्वार के जंगल में शिकारियों ने बड़ी बेरहमी से दो बाघों को मारा और फिर उनकी सभी पैर काटकर अपने साथ ले गए। बताया जा रहा है कि दोनों बाघ एक ही बाघिन के थे।

हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज के जंगल में शिकारियों ने दो बाघों को मारने के बाद बेरहमी से उनके सभी पैर काट लिए। जंगल में दोनों बाघों के शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। इनमें दो वर्ष का एक नर और एक मादा बाघ है। प्रारंभिक जांच में बाघों को जहरीला पदार्थ देने आशंका है। मंगलवार को वन प्रभाग ने एक वन गुज्जर को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीन आरोपी फरार हैं। वर्ष 2017 में चिड़ियापुर में इसी तरह एक बाघ को जहर देकर मारा गया था।
वन विभाग के अनुसार रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे सजनपुर बीट, श्यामपुर कम्पार्टमेंट संख्या-09 में सर्च ऑपरेशन के दौरान एक बाघ का शव बरामद किया गया। मौके पर एक मृत भैंस भी मिली। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मृत भैंस पर जहरीला पदार्थ डाला था।
ऐसे कैसे किया था बाघ का शिकार
वन प्रभाग के अनुवार वन गुज्जरों ने मृत भैंस के ऊपर जहरीला पदार्थ छिड़क दिया। बाघ ने भैंस के मांस को खाया तभी उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने बाघ के चारों पैर काट दिए और फिर उसे मार्केट में बेचने की तैयारी कर रहे थे। आरोपी जंगल में ही बाघ के क्षत विक्षत शव को छोड़कर घर आ गए।
एक ही बाघिन के बच्चे थे दोनों
डीएफओ हरिद्वार स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। दोनों मारे गए बाघ एक ही बाघिन के बच्चे थे। मौके पर बाघ के दांत और खाल सुरक्षित मिले। कार्रवाई के दौरान वन प्रभाग ने आलम उर्फ फम्मी निवासी गुज्जर डेरा, श्यामपुर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद मंगलवार शाम को एक अन्य मादा बाघ का शव सजनपुर बीट में ही घटनास्थल से 150 मीटर दूर मिला। इसके भी पैर कटे मिले। मामले में आमिर हमजा उर्फ मियां, आशिक और जुप्पी निवासी गुर्जर बस्ती, श्यामपुर फरार हैं।
लापता बाघिन की तलाश में 10 कैमरे, 50 वनकर्मी जुटे
हरिद्वार। श्यामपुर रेंज में दो वर्षीय बाघों के शिकार के बाद अब वन प्रभाग और राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन उसकी मां की तलाश में जुट गया है। बाघिन की लोकेशन ट्रेस करने के लिए जंगल के संवेदनशील क्षेत्रों में 10 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं, जबकि करीब 50 वनकर्मियों और अधिकारियों की टीम लगातार सर्च अभियान चला रही है। बाघ का शावक अभी पूरी तरह स्वतंत्र नहीं हुआ था और संभावना है कि वह अपनी मां के साथ ही जंगल में विचरण कर रहा था। बाघिन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। टीमें श्यामपुर, चीला और रवासन क्षेत्र के जंगलों में लगातार गश्त कर रही हैं। डीएफओ के मुताबिक कैमरा ट्रैप और जंगल में मिले मूवमेंट के आधार पर बाघिन की निगरानी की जा रही है। 10 कैमरे और 50 वनकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
चीला से आते हैं टाइगर
राजाजी टाइगर रिजर्व के 51 बाघों में सबसे अधिक बाघ चीला रेंज में हैं। चीला रेंज श्यामपुर क्षेत्र से सटी हुई है। आंकड़ों के अनुसार रिजर्व के करीब 70 प्रतिशत बाघ अकेले चीला रेंज में विचरण करते हैं। श्यामपुर के अलावा हरिद्वार वन प्रभाग के अन्य क्षेत्रों में पहुंचने वाले बाघ भी अधिकांशतः राजाजी टाइगर रिजर्व से ही आते हैं।
कॉर्बेट के दो पालतू हाथी रहस्यमय ढंग से लापता
रामनगर। कॉर्बेट नेशनल पार्क के झिरना रेंज में दो पालतू हाथी मंगलवार शाम रहस्यमय ढंग से लापता हो गए। पार्क प्रशासन के अनुसार, आशंका है कि ये दोनों हाथी जंगली हाथियों के झुंड के साथ कहीं चले गए हैं। घंटों खोज के बाद भी देर रात तक उनका सुराग नहीं मिला। ये दोनों मादा हाथी गश्त के लिए दिए गए थे।
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