बड़ी तैयारी: देहरादून के नए मास्टर प्लान में जाम से बचाएगा कॉरिडोर, कबतक होगा पूरा
Dehradun Master Plan: मास्टर प्लान में ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए नए कॉरिडोर, बाईपास और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम प्रस्तावित किए गए हैं। प्रत्येक वार्ड में विशेष कैंप लगाकर नागरिकों से सुझाव लिए जाएंगे।

Dehradun Master Plan: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने मास्टर प्लान 2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस बार मास्टर प्लान में सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक परिवहन और पार्किंग सुविधाओं के विस्तार पर विशेष फोकस है। ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए नए कॉरिडोर, बाईपास और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम प्रस्तावित किए गए हैं।
शनिवार को प्राधिकरण कार्यालय में सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मास्टर प्लान के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान को जन केंद्रित बनाने के लिए नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में विशेष कैंप लगाकर नागरिकों की आपत्तियां और सुझाव लिए जाएंगे।
पर्यावरण संरक्षण को प्रमुख स्थान
सचिव ने बताया कि राजधानी के सुनियोजित, संतुलित और दीर्घकालिक विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इसके कार्य को जल्दी पूरा करने, नई आवासीय योजनाओं, तलपट मानचित्रों और शहरी क्षेत्र में हरित क्षेत्र को बढ़ाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें पर्यावरण संरक्षण को प्रमुख स्थान दिया गया है। नदी तटों के संरक्षण और ग्रीन जोन विकसित होगा। शहरी विकास, परिवहन, पर्यावरण और पर्यटन विभाग इस योजना को लागू करेंगे।
मास्टर प्लान निवेश के नए अवसर खोलेगा : तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मास्टर प्लान 2041 देहरादून के विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसे पूरी तरह जनसहभागिता पर आधारित बनाया जा रहा है, जिससे हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि कन्वेंशन सेंटर, हेल्थ सिटी और गिफ्ट सिटी शहर को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगी और निवेश के नए अवसर खोलेंगी। प्राधिकरण का लक्ष्य दून को सुव्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल शहर के रूप में विकसित करना है।
शहर के संतुलित विकास पर विशेष ध्यान : बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि मास्टर प्लान 2041 को लेकर वार्ड स्तर पर कैंपों के जरिए नागरिकों को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। नई समिति के माध्यम से सभी मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में संयुक्त सचिव प्रत्यूष सिंह, गौरव चटवाल, चीफ टाउन प्लानर शशि मोहन श्रीवास्तव, अधिशाषी अभियंता सुनील कुमार, कार्यदायी संस्था के नीरव मखवाना आदि मौजूद रहे।
मसूरी के विकास के लिए अलग विजन
बैठक में मसूरी क्षेत्र के मास्टर प्लान पर भी विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मसूरी मास्टर प्लान के लिए संबंधित विभागों से दस्तावेज एकत्र किए जाने की प्रक्रिया जारी है। सचिव आवास ने कहा कि मसूरी को एक मॉडल हिल स्टेशन के रूप में विकसित किया जाए, जहां पर्यटन विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन कायम रखा जा सके।
आपत्तियों के निस्तारण के लिए एक अन्य समिति गठित
अधिकारियों के अनुसार मास्टर प्लान से जुड़ी आपत्तियों और सुझावों के निस्तारण के लिए एक अन्य तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति में उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव शामिल होंगे। यह समिति समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सभी आपत्तियों की सुनवाई करेगी। समिति उपाध्यक्ष को जटिल मामलों के समाधान के लिए विशेष अधिकार दिए गए हैं।
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