BKTC Issues Notice to bhimashankar linga Controversy link with new Kedarnath rawal and roop chad केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग को बदरी-केदार मंदिर समिति ने जारी किया नोटिस, क्या विवाद, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
More

केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग को बदरी-केदार मंदिर समिति ने जारी किया नोटिस, क्या विवाद

केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग को बीकेटीसी ने नोटिस जारी किया है। 10 दिन के भीतर जवाब भी मांगा है। विवाद केदारनाथ धाम के प्रसिद्ध रूप छड़ और नए रावल की नियुक्ति को लेकर है।

Sun, 15 March 2026 08:18 AMGaurav Kala रुद्रप्रयाग
share
केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग को बदरी-केदार मंदिर समिति ने जारी किया नोटिस, क्या विवाद

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग द्वारा अपने शिष्य को भावी रावल के रूप में उत्तराधिकारी घोषित करने को बीकेटीसी ने गंभीरता से लिया है। सीईओ की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि रावल ने अब तक अपने पद छोड़ने की कोई औपचारिक सूचना न तो मंदिर समिति को दी है और न ही नियंत्रण विभाग को। ऐसे में जब तक उनका लिखित त्यागपत्र प्राप्त नहीं होता, तब तक पद को रिक्त नहीं माना जाएगा।

बीकेटीसी ने केदारनाथ रावल को कई बिन्दुओं की जानकारी दिए बगैर उत्तराधिकारी घोषित करने और रावल प्रकरण पर स्पष्टीकरण मांगा है। समिति के मुख्य कार्याधिकारी द्वारा जारी नोटिस में रावल को 10 दिन में जबाव देने को कहा है। हालांकि रावल ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग को मंदिर समिति की ओर से जारी पत्र में पूछा है कि महाराष्ट्र के नांदेड में आयोजित पट्टाभिषेक रजत महोत्सव के दौरान रावल भीमाशंकर लिंग ने अपने शिष्य को भावी रावल कैसे घोषित कर दिया। जबकि समिति को भेजे गए पत्र में केवल विश्व शांति महायज्ञ और पट्टाभिषेक रजत महोत्सव आयोजित करने की जानकारी दी गई थी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बदरी-केदारनाथ में गैर सनातनियों पर पाबंदी! बीकेटीसी के फैसले पर सरकार क्या बोली

नायब की नियुक्ति का अधिकार भी समिति के पास

रावल को जारी पत्र में कहा गया है कि बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर अधिनियम 1939 (संशोधित) की धारा 14 और 15 के अनुसार रावल और नायब रावल की नियुक्ति, नियंत्रण तथा आवश्यकतानुसार दंड या हटाने का अधिकार भी समिति के पास है। पत्र में कहा गया है कि बिना समिति की अनुमति अपने चेले को उत्तराधिकारी घोषित करना स्थापित परंपराओं, वैधानिक प्रावधानों और नियमों के विरुद्ध है। मंदिर समिति के सीईओ विजय थपलियाल द्वारा जारी नोटिस में रावल भीमाशंकर लिंग से 10 दिनों के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने को कहा है, ताकि आगे निर्णय लिया जा सके।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बदरी-केदारनाथ में बनेंगे 50-50 बेड के अस्पताल, श्रद्धालुओं का इलाज भी फ्री

रावल ने नहीं दी पद त्याग की कोई सूचना: समिति

सीईओ द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि रावल ने अभी तक पदत्याग की कोई औपचारिक सूचना मंदिर समिति या नियंत्रण विभाग को नहीं दी गई है। जब तक लिखित त्यागपत्र प्राप्त नहीं होता, पद रिक्त नहीं माना जा सकता।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:केदारनाथ धाम के नए रावल होंगे केदार लिंग, भीमाशंकर लिंग ने बनाया उत्तराधिकारी

केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग का कहना है कि रूप छड़ी को परम्परानुसार ही नांदेड ले जाया गया और इसमें बीकेटीसी की लिखित अनुमति दी गई। जबकि उत्तराधिकारी चयन भी गुरु-शिष्य परम्परा में है। हमने उत्तराधिकारी चुना है आगे की प्रक्रिया बीकेटीसी को करनी है। बीकेटीसी को भी भावी रावल द्वारा पत्र देकर कार्यवाही का अनुरोध किया जाएगा। मैंने स्वयं 2000 में गुरु परम्परा द्वारा चयन होने पर ही कार्यभार संभाला था। मुझ पर लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।