Badrinath Darshan Timing: बदरीनाथ के कपाट खुले; जानें- दर्शन टाइमिंग, रजिस्ट्रेशन और नियम
Badrinath Darshan Timing: आज सुबह 6.15 मिनट पर बदरीनाथ धाम के कपाट खुल गए। इसके साथ ही चारधाम यात्रा का विधिवत आगाज हो गया है। धाम की दर्शन टाइमिंग, रजिस्ट्रेशन और जरूरी नियम जानिए।

Badrinath Darshan Timing: उत्तराखंड के पवित्र बदरीनाथ धाम के कपाट आज 23 अप्रैल को विधि-विधान और शुभ मुहूर्त में श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसी के साथ चारधाम यात्रा के सभी प्रमुख धाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ अब भक्तों के लिए खुल हो गए हैं और यात्रा ने औपचारिक रूप से रफ्तार पकड़ ली है। पहले दिन बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। पूरा धाम जय बदरीविशाल के जयकारों से गूंजा। जानें, बदरीनाथ धाम की टाइमिंग, रजिस्ट्रेशन और जरूरी नियम
कपाट खुलने के अवसर पर मंदिर को करीब 15 से 20 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। सुबह 6.15 मिनट पर कपाट खुलने के बाद मुख्य पुजारी (रावल) की अगुवाई में विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह भी धाम पहुंचे और पूजा में शामिल हुए। उन्होंने सोशल मीडिया पर भगवान बद्रीविशाल को नमन करते हुए इस अवसर को आध्यात्मिक और सौभाग्यपूर्ण बताया।
गैर-हिंदुओं की एंट्री पर नए प्रावधान
इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान कुछ नए नियम भी लागू किए गए हैं। श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के निर्देशों के अनुसार बदरीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर विशेष शर्तें लागू की गई हैं। बदरीनाथ में प्रवेश के लिए गैर-हिंदुओं को सनातन धर्म में आस्था जताते हुए शपथ पत्र देना अनिवार्य किया गया है। वहीं गंगोत्री में पंचगव्य सेवन की शर्त रखी गई है। हालांकि, यमुनोत्री धाम में सभी धर्मों के श्रद्धालुओं का स्वागत करने का निर्णय लिया गया है।

मंदिर परिसर में मोबाइल और कैमरा प्रतिबंधित
धाम की पवित्रता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन और कैमरों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि इससे श्रद्धालुओं को बेहतर और शांतिपूर्ण दर्शन का अनुभव मिलेगा।
बदरीनाथ धाम में दर्शन का समय
बदरीनाथ धाम में दर्शन का समय नियमित दिनों में निर्धारित किया गया है। सुबह सबसे पहले निर्माल्य दर्शन सुबह 4:30 से 6:30 बजे तक होंगे। इसके बाद सामान्य दर्शन सुबह 6:30 से दोपहर 1:00 बजे तक चलेंगे। दोपहर 1:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक मंदिर अनुष्ठानों के लिए बंद रहता है। फिर शाम दर्शन शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक होंगे।

पंजीकरण जरूरी
उत्तराखंड सरकार ने सभी तीर्थयात्रियों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। अब बिना QR कोड वाले यात्रा पास के दर्शन करना संभव नहीं है। रजिस्ट्रेशन के चार तरीके हैं – ऑनलाइन वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाकर, व्हाट्सएप पर '+91-8394833833' पर 'YATRA' लिखकर भेजकर, "Tourist Care Uttarakhand" मोबाइल ऐप के जरिए, या फिर हरिद्वार, ऋषिकेश, सोनप्रयाग और पांडुकेश्वर में लगे ऑफलाइन काउंटरों से।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का आसान तरीका
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सबसे तेज़ तरीका है। सबसे पहले वेबसाइट पर जाकर 'Register/Login' पर क्लिक करें। फिर अपना मोबाइल नंबर और ईमेल डालकर OTP वेरिफाई करें। इसके बाद 'चारधाम यात्रा 2026' चुनें और सभी यात्रियों का नाम, उम्र और पता भरें। फिर जरूरी दस्तावेज – पासपोर्ट साइज फोटो और आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट – अपलोड करें। अंत में QR कोड वाला e-Pass डाउनलोड करें और उसका प्रिंट निकालकर साथ रखें।
यात्रा के दौरान सुरक्षा दिशा-निर्देश
यात्रा पर जाने से पहले मौसम का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। अप्रैल और मई में भी बदरीनाथ में तापमान 5°C या उससे कम रहता है, इसलिए गर्म कपड़े साथ लाना अनिवार्य है। सेहत के लिहाज से बदरीनाथ 10,279 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, इसलिए डॉक्टर से जांच कराने के बाद जोशीमठ में कम से कम एक रात रुककर मौसम के अनुकूल ढलने की सलाह दी जाती है। यदि आप अपने निजी वाहन से जा रहे हैं, तो greencard.uk.gov.in से 'ग्रीन कार्ड' या ट्रिप कार्ड लेना अनिवार्य है। सुरक्षा के मद्देनजर पहाड़ी सड़कों पर रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
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