Amid LPG Shortage Government Appeal Avoid rumours Officials deployed to monitor supply of essential commodities अफवाहों से बचें, एलपीजी के बाद रसद संकट से निपटने सरकार ने नियुक्त किए अफसर, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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अफवाहों से बचें, एलपीजी के बाद रसद संकट से निपटने सरकार ने नियुक्त किए अफसर

एलपीजी संकट के बीच उत्तराखंड की धामी सरकार ने आवश्यक वस्तुओं और सप्लाई चेन पर पैनी नजर रखने के लिए तत्काल अफसर और विशेषज्ञों की टीम की नियुक्ति की है, ताकि किसी भी संभावित संकट से निपटा जा सके।

Thu, 12 March 2026 12:06 PMGaurav Kala लाइव हिन्दुस्तान, देहरादून
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अफवाहों से बचें, एलपीजी के बाद रसद संकट से निपटने सरकार ने नियुक्त किए अफसर

LPG Shortage: देश में गहराते एलपीजी संकट की आंच उत्तराखंड तक पहुंच चुकी है। इतना ही नहीं खाद्य और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की जमाखोरी का भी खतरा है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर देहरादून स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में विभिन्न अधिकारियों और विशेषज्ञों की तत्काल तैनाती कर दी है। यह कदम राज्य में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने और किसी भी संभावित संकट से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।

सरकारी आदेश के अनुसार, इन अधिकारियों और विशेषज्ञों का मुख्य काम प्रदेश भर में खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी सामानों की उपलब्धता की निरंतर निगरानी करना होगा। यह टीम न केवल सप्लाई चेन और वितरण नेटवर्क पर पैनी नजर रखेगी, बल्कि खाद्य एवं रसद से जुड़ी जानकारियों का नियमित विश्लेषण भी करेगी। इसके अलावा, विभिन्न सरकारी विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा ताकि सूचनाओं का आदान-प्रदान तेजी से हो सके।

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सप्लाई चेन प्रभावित न हो

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि राज्य सरकार आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में खाद्यान्न और अन्य जरूरी सामानों का पर्याप्त भंडार मौजूद है, इसलिए किसी भी तरह की कमी की आशंका नहीं है।

एलपीजी संकट की वर्तमान स्थिति

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और संघर्ष की वजह से गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। देहरादून, मसूरी और नैनीताल जैसे प्रमुख शहरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों का स्टॉक लगभग खत्म होने की कगार पर है। इस संकट के कारण होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को भारी परेशानी हो रही है और कई जगहों पर तो किचन बंद होने की नौबत आ गई है। पर्यटन सीजन शुरू होने से ठीक पहले आई इस किल्लत ने राज्य सरकार की चिंता बढ़ा दी है।

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सरकार की प्राथमिकता और 'लकड़ी' का विकल्प

राज्य सरकार ने गैस वितरण के लिए एक 'प्रायोरिटी लिस्ट' तैयार की है। एम्स और अन्य अस्पतालों के साथ-साथ स्कूलों को गैस सिलेंडर देने में प्राथमिकता दी जा रही है। आम जनता के लिए घरेलू सिलेंडर की कमी न हो, इसके लिए कमर्शियल सप्लाई पर फिलहाल कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि वन मंत्री सुबोध उनियाल ने निर्देश दिए हैं कि यदि गैस का संकट और गहराता है, तो व्यावसायिक गतिविधियों के लिए वैकल्पिक ईंधन के तौर पर 'लकड़ी' उपलब्ध कराई जाए।

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अफवाहों पर ध्यान न दें जनता

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि सरकार हर व्यवस्था पर लगातार नजर रख रही है ताकि आम जनता को दैनिक जीवन में किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। आपातकालीन केंद्र में विशेषज्ञों की मौजूदगी से अब डेटा और जमीनी हकीकत का सटीक आकलन हो सकेगा, जिससे किसी भी समस्या का समाधान तुरंत किया जा सके।

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