खाड़ी देशों में युद्ध के बीच बड़ी राहत, 3 महीने का एडवांस राशन अप्रैल में ही मिलेगा
अप्रैल, मई और जून तीनों महीनों का खाद्यान्न अग्रिम रूप से अप्रैल में ही वितरित किया जाएगा। इसका उद्देश्य संभावित लॉजिस्टिक चुनौतियों से बचाव और जरूरतमंदों को एकमुश्त राहत देना है।

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच उत्तराखंड में राशन कार्ड धारकों को बड़ी राहत है। राज्य खाद्य आयुक्त आनंद स्वरूप ने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (अंत्योदय और प्राथमिकता परिवार) के तहत अप्रैल, मई और जून तीनों महीनों का खाद्यान्न अग्रिम रूप से अप्रैल में ही वितरित किया जाएगा। इसका उद्देश्य संभावित लॉजिस्टिक चुनौतियों से बचाव और जरूरतमंदों को एकमुश्त राहत देना है।
योजना के तहत प्रत्येक व्यक्ति को प्रति माह 5 किलो गेहूं या चावल मिलता है, यानी अप्रैल में ही 15 किलो अनाज एक साथ दिया जाएगा। अंत्योदय (गुलाबी) और प्राथमिक (सफेद) कार्डधारक अपने नजदीकी राशन डीलर से तीन महीने का खाद्यान्न एकमुश्त ले सकेंगे।
हरिद्वार में 11 लाख से अधिक लाभार्थी
हरिद्वार जिले में इस व्यवस्था का बड़ा असर देखने को मिलेगा। यहां 2,55,148 राशन कार्ड धारकों सहित कुल 11,33,173 लाभार्थियों को तीन माह का राशन अग्रिम रूप से वितरित किया जाएगा। जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल के अनुसार, केंद्र सरकार के शासनादेश के तहत राशन का एकमुश्त उठान कर अप्रैल में ही वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। जिले की करीब 604 राशन दुकानों के माध्यम से यह व्यवस्था लागू होगी।
एक कार्ड पर प्रतिमाह 13 किलो गेहूं और 21 किलो चावल
जिले में सफेद राशन कार्डों की संख्या 2,18,144 है, जिनमें 9,92,514 यूनिट दर्ज हैं, जबकि गुलाबी (अंत्योदय) कार्ड 37,004 हैं, जिनमें 1,40,659 यूनिट शामिल हैं। इसके अलावा 1,70,878 पीले राशन कार्ड धारकों को भी तीन माह का चावल 11 रुपये प्रति किलो की दर से दिया जाएगा, हालांकि उन्हें गेहूं नहीं मिलता।
अंत्योदय कार्डधारकों को प्रति माह 13.3 किलो गेहूं और 21.7 किलो चावल मुफ्त मिलता है, जबकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत सफेद कार्ड पर प्रति यूनिट 1.9 किलो गेहूं और 3.1 किलो चावल मुफ्त दिया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से वितरण व्यवस्था बेहतर होगी और मौजूदा परिस्थितियों में आम लोगों को राहत मिलेगी।
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