5 Mizo women rescued from a sex racket operating under in Uttarakhand उत्तराखंड में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहा था सेक्स रेकेट, 2 नाबालिग समेत 5 मिजो महिलाएं छुड़ाई गईं, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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उत्तराखंड में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहा था सेक्स रेकेट, 2 नाबालिग समेत 5 मिजो महिलाएं छुड़ाई गईं

मिजोरम पुलिस और राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने उत्तराखंड पुलिस के समन्वय से हाल में उत्तरी राज्य के रुद्रपुर में एक स्पा व्यवसाय की आड़ में चल रहे कथित यौन तस्करी रैकेट से दो नाबालिगों समेत पांच मिजो महिलाओं को मुक्त कराया है।

Thu, 7 May 2026 10:54 PMRatan Gupta रुद्रपुर, भाषा
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उत्तराखंड में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहा था सेक्स रेकेट, 2 नाबालिग समेत 5 मिजो महिलाएं छुड़ाई गईं

मिजोरम पुलिस और राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने उत्तराखंड पुलिस के समन्वय से हाल में उत्तरी राज्य के रुद्रपुर में एक स्पा व्यवसाय की आड़ में चल रहे कथित यौन तस्करी रैकेट से दो नाबालिगों समेत पांच मिजो महिलाओं को मुक्त कराया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। मिजोरम के पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय) एच रामथलेंग्लियाना ने एक बयान में कहा कि इस मामले में कथित मास्टरमाइंड और स्पा मालिक समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह कथित यौन तस्करी रैकेट का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़िता भाग निकली और उसने एक मई को आइजोल के महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे और उसकी सहेली को 20,000 रुपये मासिक वेतन का वादा करते हुए उत्तराखंड के रुद्रपुर में एक सैलून और स्पा में नौकरी का लालच दिया गया।

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उसने बताया कि स्पा मालिक द्वारा उनकी यात्रा का खर्च उठाने और व्यवस्था करने के बाद वे पिछले साल अक्टूबर में उत्तराखंड गए थे। शिकायतकर्ता ने कहा कि लेकिन वहां पहुंचने पर, उन्हें कथित तौर पर वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया गया और बताया गया कि वेतन प्राप्त करने के लिए ग्राहकों के लिए 'अतिरिक्त सेवाएं' देना अनिवार्य है।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रतिदिन तीन से नौ ग्राहकों का मनोरंजन करने के लिए मजबूर किया जाता था तथा अक्सर ग्राहकों से मिलने से पहले उन्हें शराब एवं नशीले पदार्थों का सेवन करने के लिए मजबूर किया जाता था। उन्होंने बताया कि शोषण का शिकार होने के बावजूद, उन्हें कभी भी वादा किया गया वेतन नहीं मिला तथा भोजन, आवास और यात्रा खर्चों के नाम पर लगातार कटौती की जाती थी एवं कथित तौर पर व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रति माह केवल लगभग 500 रुपये ही दिए जाते थे।

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शिकायत में कहा गया है कि जब भी उन्होंने नौकरी छोड़ने की कोशिश की, उन्हें भागने से रोका गया और परिसर को ताला लगाकर उन्हें वहीं रोक दिया गया। लेकिन चार अप्रैल को महिलाओं ने औजारों की मदद से गेट का ताला तोड़कर भागने में कामयाबी हासिल की और तीन दिन बाद आइजोल लौट आईं, जहां उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कराई।

रामथलेंग्लियाना ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद, अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम, 1956 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए आइजोल दक्षिण के उपसंभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का तत्काल गठन किया गया।

उन्होंने बताया कि इस सूचना पर कि और भी मिज़ो महिलाएं अभी भी इस नेटवर्क में फंसी हुई हैं, मिज़ोरम पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग की एक संयुक्त टीम चार मई को उत्तराखंड गई और अगले दिन रुद्रपुर पुलिस के समन्वय से स्पा परिसर पर छापा मारा।उन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान दो नाबालिगों समेत पांच मिज़ो महिलाओं को उस स्पा केंद्र से मुक्त कराया गया।

पुलिस महानिरीक्षक ने यह भी बताया कि रुद्रपुर थाने में एक और मामला दर्ज किया गया है तथा स्पा मालिक और मुख्य साजिशकर्ता, उसकी मिज़ो महिला सहयोगी और एक अन्य महिला साथी समेत छह लोगों को कथित मानव तस्करी और वेश्यावृत्ति रैकेट में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

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