योगी सरकार के बजट से निकली इस कारखाने के कायाकल्प की राह, प्रोडक्शन के साथ बढ़ेगा रोजगार
गोरखपुर के खजनी के खुटभार में कंबल उत्पादन कारखाना वर्ष 1985-86 में उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की देखरेख में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह ने लगवाया था। पांच वर्ष चलने के बाद कंबल कारखाना आपूर्ति के अभाव में बंद हो गया था। योगी आदित्यनाथ के CM बनने के बाद कारखाना दोबारा संचालित हुआ।

गोरखपुर के खजनी में संचालित कंबल उत्पादन कारखाने के कायाकल्प का मार्ग बुधवार को प्रशस्त हो गया। योगी सरकार ने बजट 2026-27 में इस कंबल कारखाने के आधुनिकीकरण के लिए 7.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। आधुनिकीकरण के बाद कंबल की बुनाई से लेकर फिनिशिंग तक काम इसी कारखाने में होगा और तैयार उत्पाद निजी क्षेत्र के ब्रांडेड कंबल से प्रतिस्पर्धा वाले होंगे।
खजनी के खुटभार में कंबल उत्पादन कारखाना वर्ष 1985-86 में उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की देखरेख में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह ने लगवाया था। तब इसकी लागत करीब 25 लाख रुपये थी। पांच वर्ष चलने के बाद कंबल कारखाना आपूर्ति के अभाव में बंद हो गया था। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद वर्ष 2019-20 में खजनी का कंबल कारखाना दोबारा संचालित हुआ। अभी तक कंबल की बुनाई यहां और प्रिंटिंग का कार्य मिर्जापुर की फैक्ट्री में होता है। आधुनिकीकरण के बाद सारे कार्य यहीं होने लगेंगे।
बुधवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश बजट में खजनी के कंबल कारखाना के आधुनिकीकरण के लिए 7.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया। आधुनिकीकरण की परियोजना में वाशिंग मशीन, आटोमैटिक कलर मशीन, हाइड्रोजन मशीन, मिलिंग मशीन, प्रिंटिंग मशीन, ड्रायर मशीन, पैकिंग मशीन लगाकर निजी क्षेत्र के प्रतिस्पर्धी एवं विश्वस्तरीय कंबल का उत्पादन होगा।
जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी आर.के. श्रीवास्तव बताते हैं कि आधुनिकीकरण की परियोजना के अस्तित्व में आने से यहां उत्पादन क्षमता भी बढ़ जाएगी। अभी यहां 1200 कंबल उत्पादन की क्षमता है। काम बढ़ने के साथ साथ ही नव रोजगार का सृजन भी होगा। खजनी स्थित कंबल कारखाना के आधुनिकीकरण के लिए बजटीय प्रस्ताव होने से बुनकरों में खुशी है।




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