यूपी में 25 लाख रिश्वत लेने के मामले में डीआईओएस पर बड़ा ऐक्शन, योगी सरकार ने पद से हटाया
यूपी में 25 लाख रिश्वत लेने के मामले में आजमगढ़ डीआईओएस पर बड़ा ऐक्शन लिया गया है। योगी सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए डीआईओएस को पद से हटा दिया है।

यूपी की योगी सरकार ने 25 लाख रिश्वत लेने के आरोपी आजमगढ़ के डीआईओएस (जिला विद्यालय निरीक्षक) उपेन्द्र कुमार को उनके पद से हटाकर शिक्षा निदेशालय, प्रयागराज भेज दिया है। उपेन्द्र कुमार को शिक्षा निदेशालय में सहायक शिक्षा निदेशक (भवन) बनाया गया है।
इसके साथ ही डीआईओएस उपेन्द्र कुमार की जगह श्रावस्ती के नव प्रोन्नत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार को भेजा गया है। अजय कुमार को आजमगढ़ के नए डीआईओएस पद पर तैनाती दी गई है। दोनों स्थानांतरित अधिकारियों को बिना प्रतिस्थानी की प्रतीक्षा के तत्काल अपने नए पद पर योगदान देने के निर्देश दिए गए हैं।
गुरुवार को ही इससे पहले योगी सरकार ने तीन पीसीएस अफसरों पर सख्त ऐक्शन लिया है। यूपी सरकार ने चंदौली में पं. दीन दयाल उपध्याय नगर तहसील में 20 आरसी नोटिस वापस लेने और अवैध कब्जेदारों के पक्ष में आदेश पारित करने के आरोप में उपजिलाधिकारी के पद पर तैनात तीन पीसीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। विराग पांडेय गाजियाबाद, लालता प्रसाद बुलंदशहर और सतीश कुमार एटा में एसडीएम के पद पर तैनात हैं। ये तीनों अधिकारी चंदौली में तहसीलदार के पद पर पूर्व में तैनात थे। निलंबन अवधि में तीनों राजस्व परिषद से संबद्ध रहेंगे।
प्रमुख सचिव नियुक्ति एम. देवराज ने गुरुवार को निलंबन आदेश जारी किया। इसके मुताबिक जिलाधिकारी चंदौली ने पं दीन दयाल उपाध्याय नगर में तहसील स्तर पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 67 (1) के निस्तारित पत्रावालियों की जांच में पाया कि बेदखली की 20 नोटिस को वापस लिया गया है। ये भूमि खलिहान, चकमार्ग, कब्रिस्तान, नवीन परती और बंजर श्रेणी की बेशकीमती हैं।




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