यूपी के इन किसानों को योगी सरकार ने दी बड़ी राहत, मंडी परिसर से बाहर नहीं देना होगा कोई शुल्क
यूपी में फूलों की खेती करने वाले किसानों को योगी सरकार ने बड़ी राहत दी है। सीएम योगी के फैसले से फूल किसानों को अब मंडी परिसर के बाहर फूल बेचने पर कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फूल की खेती से जुड़े किसानों को बड़ी राहत देते हुए 'सभी प्रकार के फूलों' को विनिर्दिष्ट कृषि उत्पाद की श्रेणी से हटाकर गैर-विनिर्दिष्ट श्रेणी में रखने का निर्णय लिया है। इससे फूल किसानों को अब मंडी परिसर के बाहर फूल बेचने पर कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा।
यह निर्णय मुख्यमंत्री ने शनिवार को उत्तर प्रदेश राज्य मंडी परिषद की बैठक में लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि फूलों की ताजगी अल्पकालिक होती है। मंडी तक लाने में समय लगने से फूलों की गुणवत्ता पर असर पड़ता है और किसान उचित मूल्य से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में किसानों को फूलों की बिक्री मंडी के बाहर करने पर किसी भी प्रकार का मंडी शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए। इस निर्णय के बाद अब फूल की खेती करने वाले किसानों को मंडी परिसर से बाहर व्यापार करने पर कोई शुल्क नहीं देना होगा, जबकि मंडी परिसर में उनसे मात्र प्रयोक्ता शुल्क लिया जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडियों की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जहाँ किसान सुविधाजनक, सुरक्षित और सम्मानजनक ढंग से अपनी उपज का विक्रय कर सके। मुख्यमंत्री ने मंडी परिषद की सभी प्रधान कृषि मंडी स्थलों में ‘शबरी कैंटीन’ स्थापित करने का निर्देश भी दिया। इसके लिए भूमि मंडी परिषद द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इस योजना का मूल भाव 'सेवा' हो, ‘व्यापार’ नहीं। इससे मंडियों में आने वाले किसानों, श्रमिकों और आगंतुकों को बड़ी राहत मिलेगी।
लखनऊ के एग्री माल के निर्माण में देरी करने वाले होंगे दंडित
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रदेश में आवश्यकता के अनुसार नई मंडियों की स्थापना की जाए और इसके लिए पीपीपी मॉडल पर संभावनाएं तलाश कर योजनाएं बनाई जाएं। साथ ही, लखनऊ के विकल्प खंड, गोमतीनगर में एग्रीमॉल के निर्माण कार्य को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि अनावश्यक देरी पर जिम्मेदारों पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में 10 नए मंडी एवं उपमंडी स्थलों की स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिनमें से चार पूरी तरह बनकर तैयार हो गए हैं, जबकि शेष छह पर निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। अब प्रयागराज स्थित प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भइया) विश्वविद्यालय के कृषि संकाय के छात्र भी ‘मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना’ के अंतर्गत लाभान्वित होंगे। वर्तमान में यह योजना प्रदेश के 09 विश्वविद्यालयों और 60 महाविद्यालयों में संचालित है।'




साइन इन