सपा के पीडीए की काट पर एक कदम आगे बढ़ी भाजपा, योगी कैबिनेट विस्तार से साधे कई निशाने
यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा योगी के छह नये चेहरों के जरिए चुनावी संदेश देने का प्रयास करेगी। चेहरों के चयन में सामाजिक समीकरणों का खास ध्यान रखा गया है। पिछड़े और दलितों को वरीयता देकर विपक्ष के पीडीए की धार को कुंद करने की कोशिश होगी।

UP News: यूपी में योगी सरकार का कैबिनेट विस्तार आज है। भाजपा टीम योगी के छह नये चेहरों के जरिए चुनावी संदेश देने का प्रयास करेगी। चेहरों के चयन में सामाजिक समीकरणों का खास ध्यान रखा गया है। इसके जरिए पार्टी सबका साथ-सबका विकास का संदेश देने का प्रयास करेगी। पिछड़े और दलितों को वरीयता देकर विपक्ष के पीडीए की धार को कुंद करने की कोशिश होगी। वहीं आधी आबादी को एक तिहाई प्रतिनिधित्व के जरिए 2027 में अपने विजयरथ को आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई गई है। मुख्य विपक्षी दल सपा को पार्टी उसके ही तीरों से घेरेगी।
योगी मंत्रिमंडल के छह नये सदस्यों में भूपेंद्र चौधरी, पूजा पाल और हंसराज विश्वकर्मा के रूप में तीन पिछड़े वर्ग से आने वाले चेहरों को जगह दी गई है। जबकि दलित कोटे से सुरेंद्र दिलेर व कृष्णा पासवान को शामिल किया गया है। इसके जरिए बड़ा सियासी संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है। दरअसल 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद से प्रदेश में दलित वोटों में सेंधमारी के प्रयास तेज हुए हैं। बसपा का जनाधार घटने के बाद 2024 के चुनाव में संविधान बदलने के नाम पर दलित मतदाताओं के एक वर्ग ने सपा-कांग्रेस गठबंधन का रुख किया था। उसी के बाद से भाजपा ने दलितों को जोड़ने की मुहिम तेज कर दी थी। प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने दलितों के युवा प्रोफेशनल्स के जरिए इसका आगाज किया था।
दलितों में भी भाजपा ने सुरेंद्र दिलेर के रूप में वाल्मीकि और कृष्णा पासवान के जरिए पासी समाज को चुना है। दरअसल, वाल्मीकि समाज लगातार भाजपा के साथ रहा है मगर फिलवक्त सरकार में उनका कोई प्रतिनिधि नहीं है। उधर, 2024 के लोकसभा चुनाव में कुर्मी और पासी वोटर भी भाजपा से खिसके थे। पंकज चौधरी के रूप में पार्टी कुर्मी प्रदेश अध्यक्ष भाजपा बना चुकी है। अब पासियों की भी सत्ता में भागीदारी बढ़ाई गई है।
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को खास तरजीह
प्रदेश मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को खास तरजीह दी गई है। वाराणसी से हंसराज विश्वकर्मा के रूप में मंत्रिमंडल में चौथा नाम होगा। इनमें दो विधायक और दो एमएलसी हैं। वाराणसी से अनिल राजभर और रवींद्र जायसवाल के अलावा एमएलसी दयाशंकर मिश्र दयालु पहले से मंत्री हैं। अब भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा भी टीम योगी का हिस्सा होंगे।
आयोग-निगमों,संगठन से सधेंगे समीकरण
भाजपा अभी सामाजिक समीकरण साधने की मुहिम को और आगे बढ़ाएगी। अगला कदम भाजपा का प्रदेश संगठन और आयोग-निगम, बोर्डों के खाली पड़े पद होंगे। युवा और नये चेहरों के साथ ही इनमें जातीय व क्षेत्रीय समीकरण साधने का प्रयास भी पार्टी करेगी। इसी माह भाजपा की नई प्रदेश टीम और आयोग-निगम, बोर्डों के खाली पद भरे जाएंगे।
पूजा, कृष्णा के जरिए आधी आबादी को साधा जाएगा
पूजा पाल और कृष्णा पासवान को मंत्री बनाकर भाजपा आधी आबादी को भी यह संदेश देना चाहती है कि पार्टी सिर्फ सड़क पर नहीं सरकार में भी उन्हें उचित प्रतिनिधित्व देना चाहती है। अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे मनोज पांडेय उस रायबरेली से आते हैं, जो कांग्रेस का अभेद्य किला मानी जाती है। उन्हें जगह देकर कांग्रेसी किले में सेंध लगाने का प्रयास किया है। ओबीसी चेहरों की बात करें तो भूपेंद्र चौधरी संगठन से जुड़ा पुराना चेहरा हैं और जाट बिरादरी से आते हैं। हंसराज विश्वकर्मा जिस वर्ग से आते हैं, उनकी संख्या अच्छी-खासी है। सरकार इस वर्ग को जोड़ने के लिए विश्वकर्मा सम्मान योजना चला रही है। जबकि पाल-बघेल बिरादरी की पूजा पाल के जरिए पार्टी पिछड़ों को जोड़ने के साथ ही सपा को घेरने का काम भी करेगी।




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