yogi cabinet approves 12 proposals up panchayat election obstacles cleared obc commission यूपी में पंचायत चुनाव नहीं दूर, पिछड़ा आयोग की बाधा दूर, योगी कैबिनेट से OBC कमीशन के गठन को मंजूरी, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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यूपी में पंचायत चुनाव नहीं दूर, पिछड़ा आयोग की बाधा दूर, योगी कैबिनेट से OBC कमीशन के गठन को मंजूरी

UP Panchayat Election OBC Commission: सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट ने यूपी पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए 'समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' के गठन को मंजूरी दी है। 2021 में 2 मई को नतीजे आ गए थे।

Mon, 18 May 2026 04:03 PMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
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यूपी में पंचायत चुनाव नहीं दूर, पिछड़ा आयोग की बाधा दूर, योगी कैबिनेट से OBC कमीशन के गठन को मंजूरी

UP Panchayat Election OBC Commission: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों का इंतजार कर रहे करोड़ों ग्रामीणों और राजनीतिक दलों के लिए सोमवार का दिन बड़ी खुशखबरी लेकर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उनके सरकारी आवास पर हुई कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में कुल 12 प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई है। इस बैठक का सबसे बड़ा फैसला पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण को लेकर जरूरी ओबीसी आयोग के गठन का रहा। इससे चुनाव के रास्ते की सबसे बड़ी कानूनी अड़चन दूर होगी। यूपी पंचायत चुनाव में देरी हो गई है। 2021 में 2 मई को ही नतीजे आ गए थे।

'समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' के गठन को हरी झंडी

उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों, ब्लॉक और जिला पंचायतों के निर्वाचन को लेकर पिछले काफी समय से बनी उहापोह की स्थिति आखिरकार समाप्त हो गई है। योगी कैबिनेट ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी (OBC) आरक्षण का सटीक स्वरूप और आनुपातिक आबादी तय करने के लिए 'समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' (Dedicated OBC Commission) के गठन को मंजूरी दे दी है। अब इस आयोग की विस्तृत सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही सीटों के आरक्षण का रोटेशन तय किया जाएगा, जिससे सुप्रीम कोर्ट के 'ट्रिपल टेस्ट' फॉर्मूले की वैधानिक बाध्यता पूरी हो जाएगी। योगी कैबिनेट के फैसले के अनुसार पांच सदस्यीय आयोग का अध्यक्ष हाईकोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश होंगे। अन्य सदस्य पिछड़ा वर्ग की जानकारी रखने वाले लोग ही होंगे। इनका कार्यकाल छह महीने होगा।

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पशु चिकित्सा विवि में इंटर्नशिप भत्ता तीन गुना बढ़ा

कैबिनेट बैठक में प्रदेश के पशु चिकित्सा (Veterinary) विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे छात्रों के मासिक इंटर्नशिप भत्ते (Stipend) को सीधे तीन गुना बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब इंटर्नशिप कर रहे भावी पशु चिकित्सकों को हर महीने 4,000 के स्थान पर 12,000 रुपए मिलेंगे। उप्र पं० दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान मथुरा, आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या और सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय मेरठ के छात्रों को इसका फायदा होगा।

लखनऊ और आगरा में मेट्रो रेल नेटवर्क का विस्तार

लखनऊ और आगरा में मेट्रो रेल नेटवर्क के विस्तार को लेकर राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में दोनों शहरों की मेट्रो परियोजनाओं से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई है। जहां एक तरफ लखनऊ मेट्रो के बहुप्रतीक्षित फेज-1बी (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) के निर्माण के लिए भारत सरकार के साथ त्रिपक्षीय समझौते (MoU) के रास्ते साफ हो गए हैं, वहीं दूसरी तरफ आगरा मेट्रो के कॉरिडोर-2 के लिए निःशुल्क भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है। इन फैसलों से दोनों ही शहरों में मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण कार्यों में तेजी आएगी।

लखनऊ मेट्रो: 5801 करोड़ के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के लिए हस्ताक्षरित होगा MoU

राजधानी लखनऊ में चारबाग से वसंतकुंज तक बनने वाले 11.1 किलोमीटर लंबे 'ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर' (फेज-1बी) की राह अब पूरी तरह साफ हो गई है। मुख्यमंत्री की कैबिनेट ने आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (भारत सरकार), उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) के मध्य निष्पादित होने वाले त्रिपक्षीय मेमोरेण्डम ऑफ अण्डरस्टैण्डिंग (MoU) के प्रारूप को मंजूरी दे दी है।

इससे पहले 5 मार्च 2024 को राज्य कैबिनेट ने इसके डीपीआर (DPR) को मंजूरी दी थी, जिसके बाद भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने 3 सितंबर 2025 को इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹5,801.05 करोड़ को स्वीकृत करते हुए अपना अंतिम अनुमोदन प्रदान किया था। भारत सरकार की शर्तों और न्याय विभाग द्वारा विधीक्षित (संशोधित) आलेख के अनुसार, इस त्रिपक्षीय समझौते में राज्य सरकार की भूमिका, वित्तीय हिस्सेदारी और दायित्वों को पूरी तरह निर्धारित कर दिया गया है। इस कॉरिडोर के बनने से पुराने लखनऊ के लाखों निवासियों को विश्वस्तरीय यातायात की सुविधा मिलेगी।

आगरा मेट्रो: कॉरिडोर-2 के निर्माण के लिए सेवायोजन कार्यालय की जमीन निःशुल्क ट्रांसफर

ताजनगरी में आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनने वाले मेट्रो कॉरिडोर-II के काम को गति देने के लिए कैबिनेट ने एक बड़ा और अपवादस्वरूप फैसला लिया है। इस कॉरिडोर के तहत मेट्रो स्टेशन और वायडक्ट सेक्शन के निर्माण के लिए आगरा के सदर तहसील के अंतर्गत मौजा चक अव्वल में स्थित क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय परिसर की पार्क के रूप में रिक्त पड़ी 550 वर्गमीटर नजूल भूमि को उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) को आवंटित करने का निर्णय लिया गया है।

जिलाधिकारी आगरा द्वारा भेजे गए प्रस्ताव और यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक के अनुरोध पर विचार करते हुए, राज्य सरकार ने प्रभावी सर्किल दर पर पूरी तरह से छूट प्रदान की है। कतिपय नियमों और शर्तों के अधीन यह कीमती जमीन मेट्रो कॉर्पोरेशन को बिल्कुल निःशुल्क (Free of Cost) ट्रांसफर की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मेट्रो परियोजना के जनहित को देखते हुए यह भूमि हस्तांतरण केवल एक 'अपवादस्वरूप' फैसला है, जिसे भविष्य के लिए किसी भी अन्य मामले में नजीर या दृष्टांत के रूप में नहीं माना जाएगा।

मिर्जापुर में पूलिंग उपकेन्द्र (एआईएस) एवं सम्बन्धित पारेषण लाइनों का निर्माण

प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए प्रस्तावित तापीय एवं पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं से उत्पादित ऊर्जा के समुचित निकासी के लिए 765/400 केवी मिर्जापुर पूलिंग उपकेन्द्र और संबंधित पारेषण लाइनों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 2799.47 करोड़ है। इसमें उपकेन्द्र एवं 'बे' निर्माण हेतु 1315.91 करोड़ और पारेषण लाइनों के लिए 1483.56 करोड़ सम्मिलित हैं। यह परियोजना एक Common Public Infrastructure के रूप में विकसित की जाएगी। इससे प्रदेश में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता, विश्वसनीयता एवं निरंतरता में सुधार होगा और सभी उपभोक्ताओं-घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक को बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

लोहिया इंस्टीट्यूट में 1010 बेड का मल्टी स्पेशलिटी इमरजेंसी सेंटर

डॉक्टर राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस गोमती नगर विस्तार सेक्टर-7 स्थित संस्थान के नवीन परिसर (शहीद पथ) में 1010 बेडेड मल्टी स्पेशलिटी इमरजेंसी सेंटर अस्पताल, Teaching Block और नवीन ओपीडी ब्लाक के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना की लागत 85504.34 लाख (आठ अरब पचपन करोड़ चार लाख चौतीस हजार) है ।

इसके अंतर्गत हास्पिटल भवन में 1010 बेड्स के साथ ही एक नया ओपीडी ब्लाक और एक नए शिक्षण ब्लाक (200 सीटों की क्षमता) का निर्माण किया जाएगा। यह प्रायोजना चिकित्सा छात्रों के लिए अत्याधुनिक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराएगी। हास्पिटल के निर्माण से रोगियों के लिए चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा। इसका लाभ पूरे प्रदेश को होगा।

प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल का होगा विस्तारीकरण

राजकीय मेडिकल कालेज प्रयागराज से सम्बद्ध स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) परिसर के विस्तार के लिए स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल और महात्मा गांधी मार्ग से जुडी पूल्ड हाऊसिंग की भूमि को चिकित्सा शिक्षा विभाग के पक्ष में हस्तांतरित करने का फैसला किया गया है। स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय परिसर की स्थापना सन् 1961 में की गयी थी। यह चिकित्सालय प्रयागराज मण्डल का सबसे बड़ा टर्शियरी लेवल का राजकीय चिकित्सालय है। जहां पर समीपवर्ती जनपदों और सीमावर्ती राज्य मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में गंभीर मरीज प्रतिदिन आते हैं।

यूपी में उच्च शिक्षा को नई उड़ान

कैबिनेट की बैठक में राज्य के ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण फैसले पर मुहर लगाई गई है। योगी कैबिनेट ने 'उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019' के तहत निजी क्षेत्र में 'सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी', मीरजापुर की स्थापना के लिए आशय पत्र (Letter of Intent) निर्गत किए जाने के प्रस्ताव को अपनी अंतिम स्वीकृति दे दी है। इस विश्वविद्यालय के स्थापित होने से मीरजापुर और उसके आसपास के जनपदों के छात्र-छात्राओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगारपरक और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा मिल सकेगी।

चुनार तहसील के ग्रामीण क्षेत्र में 50.45 एकड़ पर बनेगा कैंपस

इस नए निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति के समक्ष पहले ही पूरा प्रस्ताव मंतव्य एवं संस्तुति के लिए रखा गया था। उच्च स्तरीय समिति की 20 मई 2025 को हुई बैठक में इसके मानकों की विस्तृत जांच की गई थी। समिति ने मिर्जापुर के तहसील चुनार के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण इलाके ग्राम-समसपुर में 50.45 एकड़ भूमि पर इस विश्वविद्यालय को स्थापित करने के लिए इसकी प्रायोजक संस्था को आशय पत्र जारी करने की मजबूत संस्तुति की थी। कैबिनेट ने उच्च स्तरीय समिति की इसी संस्तुति को स्वीकार करते हुए प्रस्ताव को हरी झंडी दी है।

सख्त वैधानिक नियमों के तहत दी गई मंजूरी

उत्तर प्रदेश में निजी क्षेत्र के विश्वविद्यालयों की साख, पारदर्शिता और उनकी गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए सरकार बेहद सख्त नियम अपना रही है। इस विश्वविद्यालय को दी गई मंजूरी भी राज्य में लागू 'उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019' के कड़े वैधानिक नियमों के तहत दी गई है।

इस अधिनियम की धारा-4 के अंतर्गत नए विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव लाया गया था, जबकि धारा-5 के तहत इसके मूल्यांकन और धारा-6 के तहत आशय पत्र निर्गत करने के नियमों का पूरी तरह पालन किया गया है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना) नियमावली, 2021 के नियम-14 के तहत पूरी विधिक प्रक्रिया को पूरा किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि मीरजापुर के इस ग्रामीण अंचल में विश्वविद्यालय शुरू होने से न केवल शिक्षा का स्तर सुधरेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।

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