यूपी में फिर आ रहा नया विक्षोभ, मचाएगा तबाही, क्यों ऐसे बदल रहा मौसम का मिजाज?
यूपी में एक बार फिर नया विक्षोभ आ रहा है। इसके कारण एक बार फिर तबाही मच सकती है। मौसम के मिजाज में बार-बार आ रहे बदलाव के पीछे का कारण भी विज्ञानियों ने बताया है।

मौसम विज्ञानियों ने आने वाले दिनों में यूपी में एक बार फिर विक्षोभ आने और दोबारा तबाही मचाने की आशंका जताई है। मौस विज्ञानियों के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तबाही मचाने वाले तूफान, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात के पीछे पाकिस्तानी विक्षोभ बड़ा कारण है। यह मध्य पाकिस्तान के साथ राजस्थान में विकसित हो रहा है। पश्चिमी विक्षोभ आम तौर पर भूमध्य सागर क्षेत्र जैसे तुर्की, सीरिया, काला सागर और कैस्पियन सागर के आसपास विकसित होता है। इसके बाद पश्चिमी हवाओं के साथ ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से राजस्थान (भारत) की ओर बढ़ता है।
ताजा विश्लेषण के मुताबिक मध्य पाकिस्तान के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण (सर्कुलेशन) सक्रिय हो रहा है। इसका असर राजस्थान के साथ उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों तक फैला हुआ है। साथ ही एक दाब रेखा पाकिस्तान से उत्तर अरब सागर तक फैली हुई है।
क्यों खराब होता है मौसम
विज्ञानियों के अनुसार मौसम तब खराब होता है, जब पश्चिमी विक्षोभ से आने वाली ऊपरी ठंडी हवा, अरब सागर से आ रही नमी और गर्म धरती से उठने वाली हवाएं आपस में टकराती हैं। इससे अत्यधिक गर्जन वाले बादल बनते हैं। इनके कारण तेज आंधी, बिजली, ओलावृष्टि और भारी बारिश होती है। आगरा, अलीगढ़, मेरठ और आसपास के इलाकों में ये सभी स्थितियां एक साथ बन रही हैं। इसके साथ ही 2 से 5 जून के बीच पश्चिम एशिया की ओर एक नया विक्षोभ विकसित होकर इसी दिशा में बढ़ रहा है। इसलिए आने वाले दिनों में तूफानी बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की आशंका जताई जा रही है।
4 से 6 जून तक आंधी-बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक 4 जून से तेज अंधड़, बारिश और ओलावृष्टि का दौर फिर शुरू हो सकता है। इस दिन रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि 5 और 6 जून को यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चल सकती है। दिन में एक या अधिक बार ऐसी स्थिति बन सकती है। लिहाजा पक्के और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
पेड़, पोल के बाद मकान गिरे
बीते दिनों आए तेज अंधड़ और बारिश के बाद जिले भर में पेड़, बिजली के खंभे और होर्डिंग्स गिर गए थे। खेत-खलिहानों में भी बड़ा नुकसान हुआ। अब तेज हवाओं के साथ बारिश का पानी घरों की नींव तक पहुंच रहा है। सोमवार देर रात हुई बारिश के बाद कई मकान ढह गए। कई सड़कें खोखली हो गईं और उनमें गहरे गड्ढे बन गए। यानी खतरा अब और बढ़ गया है।
एक रात में 63 मिमी बारिश
आगरा में सोमवार देर रात करीब 2:30 बजे शुरू हुई तूफानी बारिश तड़के तक जारी रही। चूंकि अधिकांश लोग सो रहे थे, इसलिए किसी को इसकी गंभीरता का अंदाजा नहीं हुआ। सुबह कई बाजार और सड़कें जलमग्न दिखाई दीं। घरों में पानी घुस गया और लाखों रुपये का नुकसान हुआ। मौसम विभाग ने 63.0 मिमी बारिश दर्ज की है। हालांकि यह मौसमी (मानसूनी) बारिश नहीं है।
5.8 डिग्री गिरा रात का पारा
सोमवार की बारिश के बाद मंगलवार को तापमान में कमी दर्ज की गई। रात का तापमान सामान्य से 5.8 डिग्री कम होकर 21.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इससे शाम और रात का मौसम अधिक ठंडा हो गया। वहीं दिन का तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आर्द्रता का अधिकतम स्तर 83 प्रतिशत दर्ज किया गया, जिससे वातावरण में नमी अधिक बनी हुई है।




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