कौन है आईआईटीयन बाबा जो खुद को बताता कृष्ण अवतार, युवतियों के शोषण में गिरफ्तार
मथुरा में पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है जो आईआईटी करने के बाद गीता का ज्ञान देता और खुद को कृष्ण का अवतार बताकर युवतियों का यौन शोषण करता था। इसके आश्रम में कई युवतियां मिली हैं।

UP News: मथुरा में गीता ज्ञान के नाम पर युवतियों को बरगलाने, उनका ब्रेन वाश करने और यौन शोषण के आरोप में मथुरा पुलिस ने आईआईटीयन बाबा को गिरफ्तार किया है। पुलिस बाबा के आश्रम पहुंची तो वहां कई युवतियां मिली लेकिन लेकिन ब्रेन वाश की वजह से कोई बाबा के खिलाफ बोलने को तैयार नहीं हुई। बाबा छत्तीसगढ़ से आई एक युवती के शिकायत पर फिलहाल बाबा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। बाबा खुद को कृष्ण का अवतार बताते हुए कई गोपियां रखने की बात कहता था। युवतियों से शारीरिक संबंध बनाने के बाद गंधर्व विवाह की बात कहता।
आईआईटी करने के बाद 2022 में आया था राधाकुंड
एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि बाबा बने अभिषेक मिश्रा के परिजन भुवनेश्वर में रहते हैं। अभिषेक ने आईआईटी रुड़की से वर्ष-2017 से 2021 तक मैकेनिकल इंजीनियरिंग से बीटेक करने के बाद एक साल तक मुम्बई की मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब किया था। शिक्षा ग्रहण करने के दौरान ही उसने गीता ज्ञान से प्रेरित होकर ऑनलाइन भागवत गीता ज्ञान देने की योजना बनाई थी। इसके बाद वर्ष-2022 में अपनी मां के साथ राधाकुंड आकर किराए के मकान में रहने लगा। बाद में अपना खुद का मकान बना लिया। इस दौरान उसके सम्पर्क में आईआईटी, बीटेक व अन्य डिग्रीधारी युवक-युवतियां इसके सम्पर्क में आये और वह राधाकुंड आ गये।
बेटे की हरकतों से मां भी हुई दूर
एसपी देहात अनुसार इसने युवक-युवतियों का ब्रेन वॉश करके दुष्कर्म, अश्लील हरकतें कीं। पहले तो उसकी मां अपने बेटे का साथ देती थी लेकिन बाद में बेटे की असलियत की जानकारी होने पर वह भी बेटे से दूर हो गयी। तभी से यह अपने पास आने वाली युवतियों का शारीरिक शोषण करता रहा। इस खुलासे में कानपुर विश्व हिन्दू परिषद की टीम की भूमिका रही है। विश्व हिन्दू परिषद की टीम पिछले एक माह से इस मामले में राजेश गिरी के नेतृत्व में जुटी हुई थी।
मां-बाप की इकलौती संतान
अभिषेक मिश्रा भी अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। पढ़ने में होशियार था। भुवनेश्वर में रहने के दौरान इसका आईआईटी रुड़की में प्रवेश हो गया। पढ़कर एक साल जॉब की। बाद में राधाकुंड आ गया और अब जेल के सींखचों के पीछे पहुंच गया।
ब्रेनवाश के कारण नहीं होता था विरोध
एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत ने बताया घटना के खुलासे के बाद जानकारी के दौरान पता चला कि राधाकुंड में रह कर आरोपी अभिषेक मिश्रा गीता का ज्ञान देकर युवतियों के साथ शारीरिक संबंध ही नहीं बनाता था वह कहता था कि अब तुम्हारे साथ मैंने गंधर्व विवाह कर लिया है। पूछताछ में कुछ युवतियों के परिजनों ने बताया कि वह कहता था कि वह कृष्ण का अवतार है, कई गोपियां रख सकता है। नादान बच्चियां ब्रेनवाश होने के चलते कुछ समझ नहीं पाती थीं और विरोध नहीं कर पाती थीं।
पुलिस को भी हड़का दिया था लड़कियों ने
अभिषेक के साथ रह रहीं लड़कियां पुलिस को भी हड़का चुकी हैं। कुछ दिनों पूर्व एक लड़की के अभिभावक उसे लेने आए थे। पुलिस किसी तरह उन्हें थाने ले आई लेकिन लड़कियां यह कहते हुए पुलिस को हड़काने लगीं कि वह बालिग हैं, अपनी मर्जी से यहां रह रही हैं और कुछ गलत नहीं कर रहीं। इससे पुलिस को भी शांत होना पड़ा था। बालिग होने की वजह से पुलिस भी अभिभावकों का साथ नहीं दे पाती थी।




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